पटना: आगामी दिवाली और छठ महापर्व को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बिहारवासियों को 7 नई ट्रेनों की बड़ी सौगात दी है। सोमवार को पटना में आयोजित एक समारोह में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल से त्योहारों के दौरान लाखों यात्रियों का सफर आसान, तेज और आरामदायक होने की उम्मीद है।
उपमुख्यमंत्री ने जताई खुशी
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा, “बिहार की रेल कनेक्टिविटी को नया विस्तार मिला है। आज बिहारवासियों को 7 नई ट्रेनों की सौगात मिली, जिसमें 3 अमृत भारत एक्सप्रेस और 4 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार का रेल बजट पहले के 1,000 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 10,000 करोड़ रुपये हो गया है, जो राज्य के विकास के लिए पीएम के दूरदर्शी दृष्टिकोण को दर्शाता है।
नई ट्रेनों का विवरण
तीन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें:
- गाड़ी सं. 15293/15294 (मुजफ्फरपुर-चर्लपल्ली): यह साप्ताहिक ट्रेन हाजीपुर, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, प्रयागराज छिवकी, जबलपुर, नागपुर और काजीपेट के रास्ते चलेगी।
- गाड़ी सं. 19623/19624 (मदार-दरभंगा): यह साप्ताहिक ट्रेन कमतौल, सीतामढ़ी, रक्सौल, नरकटियागंज, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर और जयपुर से होकर गुजरेगी।
- गाड़ी सं. 15133/15134 (छपरा-आनंद विहार): यह ट्रेन सप्ताह में दो दिन सिवान, थावे, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, ऐशबाग (लखनऊ) और कानपुर के रास्ते आनंद विहार तक जाएगी।
चार नई पैसेंजर ट्रेनें (सप्ताह में 6 दिन):
- गाड़ी सं. 75271/75272 (नवादा-पटना-नवादा डेमू): यह ट्रेन शेखपुरा, बरबीघा, बिहार शरीफ और पुनपुन के रास्ते चलेगी।
- गाड़ी सं. 75273/75274 (इसलामपुर-पटना-इसलामपुर डेमू): यह ट्रेन पुनपुर, दनियावां और हिलसा से होकर जाएगी।
- गाड़ी सं. 53201/53202 (पटना-बक्सर-पटना फास्ट पैसेंजर): यह ट्रेन दानापुर और आरा के रास्ते चलेगी।
- गाड़ी सं. 53203/53204 (झाझा-दानापुर-झाझा फास्ट पैसेंजर): यह ट्रेन जमुई, किउल, मोकामा और फतुहा के रास्ते चलेगी।
यात्रियों के लिए सुविधा
इन नई ट्रेनों के शुरू होने से बिहार के विभिन्न हिस्सों से दिल्ली, जयपुर, हैदराबाद और अन्य प्रमुख शहरों तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी। खासकर त्योहारी सीजन में यात्रियों को भीड़ से राहत मिलेगी और उनका सफर अधिक सुविधाजनक होगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ये ट्रेनें बिहार के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी योगदान देंगी।