आजकल यूरिक एसिड की समस्या बहुत आम हो गई है, और यदि इसे समय रहते कंट्रोल नहीं किया जाए, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। डॉ. अमित गोयल, डायरेक्टर और हेड ऑफ़ यूनिट, रीनल ट्रांसप्लांट, यूरो-ऑन्कोलॉजी, मैक्स हॉस्पिटल गुरुग्राम, ने इस बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
क्या होता है जब यूरिक एसिड बढ़ता है?
डॉ. अमित गोयल के अनुसार, जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, तो यह जोड़ों में जमा होने लगता है और सूजन तथा दर्द का कारण बनता है। यदि इसका इलाज समय पर न किया जाए, तो यह गठिया जैसी बीमारी का रूप ले सकता है।
यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण
जोड़ों में तेज दर्द – खासतौर पर पैर के अंगूठे, एड़ियों, घुटनों और उंगलियों में दर्द होता है।
सूजन – जहां यूरिक एसिड बढ़ा होता है, वहां सूजन और हल्का लाल रंग भी नजर आ सकता है।
चलने में दिक्कत – यूरिक एसिड की अधिकता के कारण जोड़ों में अकड़न महसूस हो सकती है, जिससे चलने-फिरने में परेशानी होती है।
रात के समय दर्द बढ़ना – यूरिक एसिड का दर्द खासतौर पर रात के समय ज्यादा महसूस होता है।
त्वचा में जलन – दर्द वाली जगह पर हल्की जलन और गर्माहट महसूस हो सकती है।
यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के उपाय
पानी ज्यादा पिएं – शरीर से यूरिक एसिड बाहर निकालने के लिए रोजाना 8-10 गिलास पानी पिएं।
जंक फूड से बचें – तली-भुनी और मसालेदार चीजें यूरिक एसिड बढ़ा सकती हैं, इसलिए इनसे बचें।
नियमित व्यायाम करें – हल्की एक्सरसाइज और योग करने से यूरिक एसिड का जमाव कम होता है।
प्रोटीन का ध्यान रखें – रेड मीट, मछली और दालों की अधिक मात्रा से बचें, क्योंकि ये यूरिक एसिड बढ़ा सकते हैं।
फलों और सब्जियों का सेवन करें – खीरा, टमाटर, गाजर, पपीता और सेब जैसे फल यूरिक एसिड को कम करने में मदद करते हैं।
यदि आपको इन लक्षणों का सामना हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और उचित उपचार शुरू करें।