केंद्रीय बजट 2024 में सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी को 6% तक घटाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिससे उम्मीद की जा रही थी कि इन धातुओं की कीमतें घटेंगी। हालांकि, बजट से पहले ही सोने और चांदी के दामों में तेजी देखने को मिल रही है। शनिवार (1 फरवरी) को बजट के दिन सोने की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई, और अब 10 ग्राम सोने की कीमतों ने अपने पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।
वैश्विक बाजार का असर और रुपये की कमजोरी
विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण घरेलू बाजार में भी इनकी कीमतें प्रभावित हो रही हैं। इसके साथ ही रुपये में कमजोरी भी सोने की कीमतों को बढ़ाने का एक प्रमुख कारण हो सकता है।
बजट में कोई बदलाव नहीं
हालांकि, केंद्रीय बजट में सोने और चांदी पर आयात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि सरकार अभी भी इन धातुओं के आयात पर पहले जैसा शुल्क लगाएगी।
भारत में वैश्विक प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर भारत में भी पड़ सकता है, जिससे आने वाले समय में इनकी कीमतें और भी प्रभावित हो सकती हैं।