भारत– नेपाल सीमा पर रक्सौल स्थित लक्ष्मीपुर एसआरपी मेमोरियल हॉस्पिटल में एक अजीबोगरीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नेपाल निवासी 35 वर्षीय महिला के पेट से ऑपरेशन के जरिए पूरे 1 किलो 500 ग्राम लंबे बालों का गुच्छा निकाला गया। महिला की एंडोस्कोपी जांच के दौरान इस असामान्य स्थिति का पता चला।
एसआरपी हॉस्पिटल के निदेशक सह मुख्य चिकित्सक डॉ. सुजीत कुमार ने बताया कि महिला इससे पहले कई जगहों पर इलाज करा चुकी थी, लेकिन आराम नहीं मिला। जब वह एसआरपी हॉस्पिटल पहुंची तो उसने लगातार पेट दर्द, भूख न लगने और लंबे समय से परेशान रहने की शिकायत की। जांच शुरू की गई और एंडोस्कोपी के दौरान उसके पेट में बालों का बड़ा गुच्छा जमा हुआ पाया गया।
इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने सफल ऑपरेशन कर पेट से बालों का गुच्छा निकाल दिया। फिलहाल महिला पूरी तरह स्वस्थ है और खतरे से बाहर है।
डॉ. सुजीत कुमार ने बताया कि इस बीमारी को ट्राइकोबेज़ोआर (Trichobezoar) कहा जाता है। यह एक बेहद दुर्लभ बीमारी है, जो दुनिया की कुल आबादी के मात्र 0.4 प्रतिशत लोगों में पाई जाती है और यह समस्या अधिकतर महिलाओं में देखी जाती है।
चिकित्सकों के अनुसार ट्राइकोबेज़ोआर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति अनजाने या मानसिक कारणों से अपने बाल नोचकर निगल लेता है। बाल पचते नहीं हैं और धीरे-धीरे पेट या आंतों में जमा होकर गुच्छे का रूप ले लेते हैं। इससे पाचन तंत्र में रुकावट पैदा होती है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
इस बीमारी के लक्षणों में पेट दर्द, भूख न लगना, उल्टी, अपच और लगातार असहजता शामिल हो सकती है। समय रहते लक्षणों की पहचान और सही इलाज से मरीज को गंभीर जटिलताओं से बचाया जा सकता है।