पटना: भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) बिहार ने एक अहम फैसला सुनाते हुए लोकनाथ बाबा होम्स पर कड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने बिल्डर को एक ही फ्लैट दो अलग-अलग ग्राहकों को बेचने के लिए ₹77,550 का जुर्माना लगाया है और साथ ही आदेश दिया है कि वह पहले ग्राहक को सूद सहित पूरी राशि 60 दिनों के भीतर लौटाए।
क्या है मामला?
शिकायतकर्ता अन्नू सिंह ने “सर्वयोनी सिटी” प्रोजेक्ट में एक फ्लैट बुक किया था, जिसकी कुल कीमत ₹15.51 लाख थी। जुलाई 2017 में उन्होंने ₹5.35 लाख बुकिंग राशि के रूप में दिए थे और बाद में किश्तों में शेष राशि भी समय पर अदा करती रहीं।
हालांकि, समय पर भुगतान के बावजूद, बिल्डर ने मार्च 2024 से जुलाई 2025 के बीच अन्नू सिंह को उनकी दी हुई राशि तो लौटा दी, लेकिन वह फ्लैट किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया।
सूद की मांग पर जोर
शिकायत में अन्नू सिंह ने यह स्वीकार किया कि उन्हें मूलधन वापस मिला है, लेकिन यह भी कहा कि उनकी कोई गलती न होते हुए भी बिल्डर ने उनका फ्लैट बेच दिया, इसलिए उन्हें सूद (ब्याज) मिलना चाहिए।
रेरा की टिप्पणी और आदेश
जांच आयुक्त संजय कुमार सिंह की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि:
- बिल्डर ने ग्राहक की राशि 6 वर्षों तक उपयोग की।
- बुकिंग राशि लेते समय रेरा अधिनियम की धारा 13 का उल्लंघन किया गया, जिसके अनुसार कोई भी बिल्डर कुल मूल्य का 10% से अधिक अग्रिम नहीं ले सकता।
इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, रेरा ने:
- बिल्डर पर ₹77,550 का जुर्माना लगाया।
- आदेश दिया कि बिल्डर एमसीएलआर (MCLR) दर + 2% ब्याज दर से सूद की गणना कर अन्नू सिंह को भुगतान करें।
- यह राशि आदेश की तिथि से 60 दिनों के भीतर लौटाई जानी है।
क्यों है यह फैसला अहम?
यह फैसला रियल एस्टेट ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेरा ने स्पष्ट किया है कि बिल्डर मनमाने तरीके से न तो ग्राहकों की रकम रख सकते हैं और न ही उनके अधिकारों की अनदेखी कर सकते हैं।