रांची : CBSE कक्षा 12वीं के परिणाम 2026 जारी होने के बाद से बोर्ड की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली विवादों में है। कई छात्रों और अभिभावकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी खामियों, भुगतान संबंधी समस्याओं और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों को लेकर सवाल उठाए हैं। इसी बीच 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने OSM प्रणाली में कथित अनियमितताओं को उजागर कर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छेड़ दी है।
संसद की समिति के सामने रखीं अनियमितताओं की जानकारी
झारखंड के रांची निवासी सार्थक सिद्धांत हाल ही में CBSE की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली से प्रभावित छात्रों में शामिल रहे हैं। उन्होंने संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति के समक्ष सात पन्नों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली इस समिति के सामने सार्थक ने CBSE द्वारा ऑनलाइन मार्किंग सिस्टम के लिए विक्रेताओं के चयन और टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की ओर ध्यान आकर्षित किया।
कैसे शुरू हुई जांच की पहल?
कक्षा 12वीं की परीक्षा देने वाले सार्थक ने अपने उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त की थी। उत्तर पुस्तिका का अध्ययन करने के दौरान उन्हें मूल्यांकन प्रक्रिया में कुछ संदेहास्पद बातें नजर आईं। इसके बाद उन्होंने स्वतंत्र रूप से CBSE के टेंडर दस्तावेजों का विश्लेषण किया और अपने निष्कर्षों को ब्लॉग और सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक किया।
टेंडर दस्तावेजों में बताईं कई विसंगतियां
सार्थक का दावा है कि उन्होंने पुराने और नए टेंडर दस्तावेजों की तुलना में करीब 15 विसंगतियां पाई हैं। उनके अनुसार, खराब प्रदर्शन और ब्लैकलिस्टिंग से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रावधानों को नए दस्तावेजों से हटाया गया या बदला गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पात्रता शर्तों में बदलाव ऐसे तरीके से किए गए जिससे कुछ विशेष कंपनियों को फायदा मिल सकता था।
राहुल गांधी ने भी की मुलाकात
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सार्थक सिद्धांत से मुलाकात की और सोशल मीडिया पर उनकी सराहना की। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि सिद्धांतों पर अडिग रहना महत्वपूर्ण है और सार्थक ने साहस का परिचय दिया है।
सरकार ने हटाए CBSE के दो वरिष्ठ अधिकारी
मामले के तूल पकड़ने के बाद केंद्र सरकार ने CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है। साथ ही ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।
एक सदस्यीय जांच समिति गठित
कैबिनेट सचिवालय ने क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति को CBSE द्वारा OSM सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच कर एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
CBSE ने छात्रों को दी नई सुविधा की जानकारी
इस बीच CBSE ने जानकारी दी है कि सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर SBI, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के भुगतान गेटवे उपलब्ध हैं। छात्र UPI, नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के जरिए भुगतान कर सकते हैं। बोर्ड के अनुसार, 3 जून की सुबह तक करीब 40 हजार छात्र सफलतापूर्वक आवेदन प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं।