श्रीराम कथा मनुष्य को मर्यादाशील जीवन जीना सिखाती है: शिवानी किशोरी

Shri Ram Katha teaches a person to live a dignified life: Shivani Kishori

भोरे/गोपालगंज: भोरे थाना क्षेत्र के सिसई मौजा स्थित विदेशी ब्रह्म स्थान परिसर में आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ सह राम-जानकी प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत वृंदावन से पधारी बाल व्यास शिवानी किशोरी जी ने पहले दिन श्रीराम कथा का भावपूर्ण पाठ किया. उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा मनुष्य को मर्यादित और धर्ममय जीवन जीने की प्रेरणा देती है.

कथा के दौरान उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धा भाव से रामकथा का श्रवण करता है, उसका लोक और परलोक दोनों सुधर जाते हैं. उन्होंने मानव जीवन को दुर्लभ बताते हुए कहा कि हमें इसका सदुपयोग करना चाहिए और राम नाम के जाप से अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए.

शिवानी किशोरी जी ने कहा, “कलियुग में राम नाम ही सबसे बड़ा सहारा है. रामायण हमें पारिवारिक मर्यादा, प्रेम और अनुशासन का पाठ पढ़ाती है. पति-पत्नी, भाई-बहन, पिता-पुत्र, सास-बहू — सभी को अपनी मर्यादा में रहकर प्रेमपूर्वक जीवन जीना चाहिए”

उन्होंने यह भी बताया कि रामायण का नियमित श्रवण मानसिक संतुलन बनाए रखता है. रावण जैसे विद्वान व्यक्ति की नकारात्मक सोच ने पूरे वंश का नाश कर दिया. उन्होंने तुलसी माला को भगवान की पहचान बताते हुए इसे गले में धारण करने और राम नाम को मुख में रखने का आग्रह किया.

प्रवचन में उन्होंने एक सुंदर उदाहरण देते हुए कहा, “गुलाब का फूल सुंदर होता है लेकिन मीठा नहीं, वहीं गन्ना देखने में सुंदर नहीं पर उसका रस मीठा होता है. वैसे ही हमें भी अपना स्वभाव सुंदर और मधुर बनाना है, जो केवल भगवान राम की कथा से संभव है.”

मौके पर मुखिया प्रतिनिधि डब्लू मिश्र, बड़े ओझा, यज्ञ संरक्षक शिक्षक रमाशंकर प्रसाद, रामदेव प्रसाद, विजय शंकर मिश्र, बाबूलाल गुप्ता, मुना तिवारी, शत्रुघ्न मिश्र, शशि श्रीवास्तव, योगेंद्र मिश्र, शिवचंद्र मिश्र, हिमांशु जायसवाल, प्रशांत मिश्र, तनु तिवारी, मनीष श्रीवास्तव, शेखर साह सहित सैकड़ों श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए उपस्थित रहे.

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