जहानाबाद (बिहार): बिहार के जहानाबाद जिले के रतनी फरीदपुर प्रखंड के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी सड़क समस्या को लेकर अब गुस्सा सड़कों पर उतर आया है। किंदुई से मुरहरा तक की सड़क बदहाल स्थिति में वर्षों से अधूरी पड़ी है, जिसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों, कीचड़ और दलदल से पटी इस सड़क पर गर्भवती महिलाएं, बीमार लोग और स्कूली बच्चे भी सुरक्षित आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं।
राजद का नेतृत्व, जनता का आक्रोश
इस जनसमस्या को लेकर शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल की प्रदेश सचिव और पूर्व जिप अध्यक्षा आभा रानी के नेतृत्व में रतनी फरीदपुर प्रखंड मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। सैकड़ों ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा,
“पता ही नहीं चलता कि रोड में गड्ढा है या गड्ढे में रोड। अब अगर सड़क नहीं बनी, तो वोट भी नहीं मिलेगा।”
ग्रामीणों ने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का नारा बुलंद करते हुए विधानसभा चुनाव में वोट बहिष्कार की चेतावनी दी।
राजद नेत्री ने सरकार पर बोला हमला
आभा रानी ने नीतीश सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि यह सड़क रतनी फरीदपुर, किंदुई, मुरहरा सहित दर्जनों गांवों की जीवनरेखा है, लेकिन डबल इंजन सरकार ने अब तक इसके निर्माण पर एक रुपया तक स्वीकृत नहीं किया।
उन्होंने कहा, “सरकार सिर्फ चुनाव के समय आती है और उसके बाद यहां की समस्याओं से आंख मूंद लेती है। यह प्रशासनिक उपेक्षा का ज्वलंत उदाहरण है।”
नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप
राजद नेत्री ने सरकार को घेरते हुए कहा, “जब राज्य में हत्या, लूट, बलात्कार आम हो चुके हैं, उस समय सरकार सिर्फ वादों और जुमलों में उलझी है। जनता को सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस सड़क के निर्माण और 18 फीट चौड़ीकरण का आदेश जल्द नहीं जारी किया, तो राजद और क्षेत्रीय जनता सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बदलाव की उम्मीद
आभा रानी ने कहा कि जनता अब इस “थकी, भ्रष्ट और असंवेदनशील सरकार” से तंग आ चुकी है। आने वाले चुनाव में जनता डबल इंजन सरकार को उखाड़ फेंकेगी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में ऐसी सरकार चुनेगी जो वास्तव में जनता की समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध होगी।
उन्होंने दोहराया कि “विकास हर गांव और हर व्यक्ति तक पहुंचे, यही तेजस्वी जी की सोच है। जब तक सड़क का निर्माण नहीं होता, हम संघर्ष करते रहेंगे।”
प्रदर्शन में जनसमर्थन स्पष्ट
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा, किसान, छात्र और बुजुर्ग शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा, “अब आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक सड़क नहीं बनती। अगर सरकार ने अनदेखी की, तो उसे चुनाव में जवाब मिलेगा।”
यह आंदोलन अब सिर्फ एक सड़क की मांग नहीं, बल्कि जन-सम्मान और बुनियादी हकों की लड़ाई बन चुका है।