पटना: इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (ISM), पटना द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “ग्लोबल रिसर्च पर्सपेक्टिव्स: सस्टेनोवेट 2025” का उद्घाटन शुक्रवार को एक गरिमामयी समारोह के साथ हुआ। इस सम्मेलन का आयोजन आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में किया गया है, जिसका उद्देश्य वैश्विक शोध एवं सतत नवाचार (Sustainable Innovation) के विविध पहलुओं पर विचार-विमर्श करना है।
देश-विदेश के 115 से अधिक विशेषज्ञ एक मंच पर
इस सम्मेलन में भारत सहित अमेरिका, यूके, यूएई, मलेशिया और जर्मनी जैसे देशों के 115 से अधिक शिक्षाविद, शोधकर्ता और उद्योग विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। सम्मेलन का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया, जिसमें कई प्रतिष्ठित अतिथि वर्चुअल और भौतिक रूप से मौजूद रहे।
उद्घाटन सत्र में कुलपति, वरिष्ठ अफसर और शिक्षाविदों की उपस्थिति
उद्घाटन समारोह में आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. शरद कुमार यादव और रजिस्ट्रार डॉ. निरंजन प्रसाद यादव ने वर्चुअली हिस्सा लिया। कुलपति ने अपने संबोधन में कहा, “सस्टेनोवेट 2025 नवाचार और स्थिरता के बीच सामंजस्य स्थापित करने का एक प्रभावशाली मंच है। यह हमारे समय की एक व्यावहारिक और नैतिक आवश्यकता है।”
विशिष्ट अतिथियों में पूर्व आईएएस अधिकारी विजय प्रकाश और पूर्व आईआरएस अधिकारी ए.एम. प्रसाद भी शामिल रहे, जिन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभवों को अकादमिक विमर्श से जोड़ा।
आईएसएम के पदाधिकारियों की प्रेरणादायक भूमिका
संस्थान के चेयरमैन समरेन्द्र सिंह, वाइस चेयरमैन देवल सिंह और सचिव अमल सिंह ने सम्मेलन के लिए शुभकामनाएं देते हुए शोध व नवाचार में संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराया।
सम्मेलन की थीम पर डॉ. श्वेता रानी का दृष्टिकोण
आईएसएम की अकादमिक प्रमुख डॉ. श्वेता रानी ने स्वागत भाषण में सम्मेलन की थीम पर प्रकाश डालते हुए कहा, “सस्टेनोवेट 2025 ISM की वैश्विक सोच का प्रतीक है, जो समावेशी, नवोन्मेषी और प्रभावी अनुसंधान को प्रोत्साहित करता है।”
छात्रों की रचनात्मक पहल ‘लुक आउट’ का विमोचन
इस अवसर पर ISM के मीडिया क्लब द्वारा संपादित कैंपस मैगजीन ‘लुक आउट’ के प्रथम अंक का विमोचन भी किया गया। यह पत्रिका छात्रों द्वारा संकलित रचनात्मक अभिव्यक्तियों और विचारों का एक सशक्त मंच है।
प्रौद्योगिकी और नवाचार पर आधारित सत्र
सम्मेलन के पहले दिन प्रबंधन, वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी, मीडिया एवं शिक्षा पर आधारित चार थीम-आधारित तकनीकी सत्र आयोजित हुए।
प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में शामिल रहे:
- प्रो. मोनिका प्रसाद (जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी, अमेरिका)
- डॉ. हिमाचलम दसराजु (कॉमनवेल्थ, यूके)
- डॉ. मुहम्मद अशद वी.पी. (यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट लंदन, यूएई)
- डॉ. समीर रहोडिया (हनोवर, जर्मनी)
- डॉ. अबरार अहमद (एआईएमएसटी यूनिवर्सिटी, मलेशिया)
तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता
इन सत्रों की अध्यक्षता डॉ. सोफिया फातिमा (पटना वीमेंस कॉलेज), प्रो. (डॉ.) ए.के. वर्मा (क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु) और डॉ. राजीव कमल कुमार ने की। संयोजन की ज़िम्मेदारी श्री सुधीर कुमार सिन्हा, श्री आलोक उत्पल, डॉ. सुनीता, श्री पूजा दुबे और श्री संजीव ठाकुर ने निभाई।
सम्मेलन का समापन सत्र शनिवार को
यह शैक्षणिक सम्मेलन ISM पटना की वैश्विक स्तर पर शोध और नवाचार में भागीदारी को दर्शाता है। सम्मेलन का समापन सत्र 26 जुलाई 2025 को दोपहर 2:45 बजे आयोजित होगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. निरंजन प्रसाद यादव (रजिस्ट्रार, A.N.U.) और प्रो. (डॉ.) एम.आई.एच. खान (लोकपाल, एमएमएचएपी विश्वविद्यालय) शामिल होंगे। समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और स्मृतिचिह्न भी प्रदान किए जाएंगे।
इस आयोजन को सफल बनाने में IQAC टीम की भूमिका सराहनीय रही, जो लगातार सक्रिय रही और सम्मेलन को सुचारु संचालन में जुटी रही।