दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों को मिली सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी, दीपावली की रौनक लौटने पर जनता में खुशी की लहर

Supreme Court approves green firecrackers in Delhi-NCR, public cheers as Diwali spirit returns

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति दे दी है, जिससे राजधानीवासियों के बीच दीपावली के उत्सव को लेकर एक नई उम्मीद जगी है। इस फैसले का दिल्ली सरकार और आम जनता दोनों ने स्वागत किया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जताया आभार
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को जनभावनाओं के अनुरूप बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,

“दिल्ली सरकार के विशेष आग्रह पर राजधानी में ग्रीन पटाखों के उपयोग की अनुमति देने हेतु सर्वोच्च न्यायालय का आभार।”

उन्होंने आगे लिखा कि यह निर्णय दीपावली जैसे पवित्र पर्व की भावना का सम्मान करता है और साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वच्छ और हरित दिल्ली के अपने संकल्प के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

“त्योहार भी, पर्यावरण भी” – सीएम का संदेश
रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में जनता से अपील की कि इस दीपावली पर सभी लोग ग्रीन पटाखों के जरिए उत्सव को पर्यावरण के साथ संतुलित करें।

“हमारा लक्ष्य है कि त्योहारों की रौनक बनी रहे और पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। चलिए, इस बार मनाएं एक हरित और खुशहाल दीपावली।”

मंत्री कपिल मिश्रा का भी स्वागत
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने भी कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई और कहा,

“जय श्री राम! सरकार बदली, हिंदुओं के त्योहारों पर बैन लगना बंद हो गया। बरसों बाद दिल्ली वाले परंपरागत तरीके से दीपावली मना पाएंगे।”

उन्होंने कहा कि सीएम रेखा गुप्ता ने जनता की आवाज को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष मजबूती से रखा, जिसके लिए वह धन्यवाद की पात्र हैं।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश क्या कहता है?
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली-एनसीआर में केवल QR कोड वाले ग्रीन पटाखों की ही बिक्री और उपयोग की अनुमति होगी। इसके लिए समय सीमा भी तय की गई है:

  • बिक्री व उपयोग की अवधि: 18 से 21 अक्टूबर
  • पटाखे फोड़ने का समय: शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक

निष्कर्ष
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से जहां जनता की धार्मिक भावनाओं का सम्मान हुआ है, वहीं पर्यावरण की चिंता को भी नजरअंदाज नहीं किया गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि निर्धारित समय और नियमों का पालन किस हद तक होता है।

दिल्ली सरकार ने एक बार फिर दोहराया है कि हरित और सुरक्षित दीपावली ही इस वर्ष की प्राथमिकता है।

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