सुप्रीम कोर्ट ने संसद से पारित उस विवादित कानून की संवैधानिक वैधता की जांच करने पर सहमति जता दी है, जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक फैसलों के लिए आजीवन कानूनी अभियोजन से छूट दी गई है। शीर्ष अदालत ने इस प्रावधान पर सख्त टिप्पणी करते हुए सवाल उठाया कि क्या चुनाव आयोग को ऐसी विशेष सुरक्षा दी जा सकती है, जो संविधान के तहत राष्ट्रपति या राज्यपाल को भी पूरी तरह हासिल नहीं है। यह सुनवाई गैर-सरकारी संगठन ‘लोक प्रहरी’ की याचिका…
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