राजस्थान हाई कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में सजा काट रहे स्वयंभू बाबा आसाराम को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने उनकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखते हुए तत्काल सरेंडर करने का आदेश दिया है। हालांकि कोर्ट ने गैंगरेप के आरोप से उन्हें राहत दे दी। यह फैसला राजस्थान हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने सुनाया, जिसमें जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित शामिल थे। अदालत ने 20 अप्रैल 2026 को अंतिम बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामला वर्ष 2013 का…
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