रिपोर्ट: स्निग्धा श्रीवास्तव नई दिल्ली: Supreme Court of India ने घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न से जुड़े मामलों में एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि केवल आरोपों और सामान्य दावों के आधार पर पति के रिश्तेदारों के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि ससुराल पक्ष को आरोपी बनाने के लिए ठोस और विश्वसनीय सबूत होना जरूरी है। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने इसी के साथ ससुराल वालों के खिलाफ दर्ज दहेज उत्पीड़न और आईपीसी की धारा 498ए…
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