नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने देश की न्यायपालिका की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 145(3) के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट को केवल संविधान की व्याख्या करने का अधिकार है, वो भी कम से कम पांच जजों की पीठ द्वारा। उपराष्ट्रपति ने कहा, “हम ऐसी स्थिति नहीं आने दे सकते जहां राष्ट्रपति को निर्देशित किया जाए। सुप्रीम कोर्ट का अधिकार केवल अनुच्छेद 145(3) के तहत संविधान की व्याख्या तक सीमित है।” उन्होंने यह भी कहा कि जब यह अनुच्छेद बनाया गया था तब सुप्रीम कोर्ट…
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