नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने इमोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट (ITPA) की व्याख्या करते हुए कहा है कि अपनी मर्जी से सेक्स वर्क करने वाले वयस्कों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं कर सकती, क्योंकि स्वैच्छिक सेक्स वर्क खुद में अवैध नहीं है। हालांकि, अदालत ने साफ किया कि वेश्यालय चलाना या संचालित करना कानूनन अपराध है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि पुलिस को अपनी इच्छा से सेक्स वर्क करने वाले वयस्कों को परेशान नहीं करना चाहिए और रेड के दौरान मिले स्वैच्छिक सेक्स वर्कर्स…
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