बिहार: बिहार की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है। आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच नेताओं की बयानबाजी तेज होती जा रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने एक सनसनीखेज बयान देते हुए कहा है कि वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और उनकी जान को खतरा है।
सोमवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने परिवार के साथ पार्टी अध्यक्ष पद के लिए औपचारिक रूप से नामांकन दाखिल किया। इसी राजनीतिक हलचल के बीच तेज प्रताप यादव मीडिया के सामने आए और अपनी पीड़ा को साझा किया।
उन्होंने कहा, “अभी मैं असुरक्षित महसूस कर रहा हूं। मेरी सुरक्षा बढ़ाई जाए क्योंकि मेरी जान को खतरा है। जो लोग मेरे निजी जीवन को उजागर करने की कोशिश कर रहे हैं, मैं उन्हें नहीं छोड़ूंगा। हम अपने स्टैंड से पीछे नहीं हटेंगे।”
तेज प्रताप ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव और भाई तेजस्वी यादव के लिए शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा, “पिता जी को मेरी शुभकामनाएं। उनका भविष्य उज्ज्वल हो। तेजस्वी जी आगे बढ़ें, बिहार के मुख्यमंत्री बनें, यह मेरा आशीर्वाद है।”
तेज प्रताप यादव का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पार्टी के भीतर अंतर्विरोध और असहमति पहले से ही चर्चा में है। उन्होंने पूर्व में भी कई बार सार्वजनिक रूप से पार्टी से नाराजगी जाहिर की है और खुद को नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगाया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेज प्रताप का यह बयान न सिर्फ राजद की आंतरिक एकता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले पार्टी की रणनीति को भी प्रभावित कर सकता है। पार्टी के भीतर उठती यह आवाज राजद नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती बनती दिख रही है।