बिहार में दो EPIC नंबर का विवाद गहराया, अब मुजफ्फरपुर की मेयर निर्मला देवी पर तेजस्वी यादव ने लगाए गंभीर आरोप

The controversy over two EPIC numbers in Bihar deepens, now Tejashwi Yadav has made serious allegations against Muzaffarpur Mayor Nirmala Devi

पटना/मुजफ्फरपुर: बिहार में एक ही व्यक्ति के नाम पर दो-दो वोटर आईडी और EPIC नंबर होने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले यह मामला तेजस्वी यादव और विजय कुमार सिन्हा तक सीमित था, लेकिन अब ताजा मामला मुजफ्फरपुर से सामने आया है। यहां की मेयर निर्मला देवी पर भी दो EPIC नंबर रखने का आरोप लगा है, जिसका खुलासा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया।

तेजस्वी का आरोप:
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि मुजफ्फरपुर की मेयर निर्मला देवी के पास दो अलग-अलग EPIC नंबर हैं—REM1251917 और GSB1835164। इन दोनों नंबरों से उनके नाम पर अलग-अलग पोलिंग बूथों पर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज है, जो कि एक ही विधानसभा क्षेत्र (94-मुजफ्फरपुर) के अंतर्गत आते हैं। तेजस्वी ने यह भी बताया कि दोनों वोटर आईडी पर निर्मला देवी की उम्र अलग-अलग दर्ज है और उन्होंने SIR (Special Investigation Report) प्रक्रिया के तहत दो अलग-अलग फॉर्म भरे हैं, जिन पर उनके हस्ताक्षर भी अलग-अलग हैं।

तेजस्वी ने चुनाव आयोग से यह सवाल किया कि कैसे एक ही व्यक्ति का नाम, दो EPIC नंबर, दो अलग-अलग उम्र और दो वोटर आईडी कार्ड के साथ एक ही विधानसभा क्षेत्र की दो बूथों पर दर्ज हो सकता है?

निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी का नोटिस:
तेजस्वी के इस खुलासे के बाद अब चुनाव आयोग भी हरकत में आ गया है। 94-मुजफ्फरपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने मेयर निर्मला देवी को नोटिस जारी किया है। नोटिस में बताया गया है कि उनका नाम विशेष गहन पुनरीक्षण, 2025 के दौरान प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में दो अलग-अलग बूथों पर पाया गया है:

  • बूथ नं. 153, क्रमांक 664, EPIC नं. REM1251917
  • बूथ नं. 257, क्रमांक 618, EPIC नं. G581835164

यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले के पुनरीक्षणों में भी उनका नाम दोनों स्थानों पर दर्ज था। अब उन्हें 16 अगस्त की शाम 5 बजे तक अपना पक्ष रखने को कहा गया है। इसके बाद आयोग इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगा।

राजनीतिक माहौल गरमाया:
तेजस्वी यादव के इन आरोपों ने बिहार की राजनीति में गर्माहट ला दी है। पहले ही दो EPIC नंबर के मामलों में नेताओं को नोटिस भेजा जा चुका है और अब एक मेयर पर लगे इस तरह के आरोपों ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब निगाहें 16 अगस्त की सुनवाई और चुनाव आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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