गोपालगंज: नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र के भट्टा गांव में 5 दिसंबर 2025 को कपड़ा फेरी करने आए मुस्लिम युवक मोहम्मद अतहर हुसैन की बर्बर मॉब लिंचिंग के खिलाफ भाकपा (माले) और इंसाफ मंच के आह्वान पर 16 दिसंबर 2025 को बिहारभर में राज्यव्यापी प्रतिवाद किया गया। इसी कड़ी में गोपालगंज जिले के भोरे में जोरदार जुलूस और सभा का आयोजन किया गया। जुलूस की शुरुआत भोरे पार्टी कार्यालय से हुई, जो खजुरहा नहर होते हुए भोरे चारमुहानी पहुंचा, जहाँ यह एक सभा में तब्दील हो गया।
जुलूस का नेतृत्व भाकपा (माले) राज्य कमिटी सदस्य कामरेड संतराज सिंह कुशवाहा ने किया। उनके साथ भोरे प्रखंड सचिव सुभाष पटेल, जिला कमिटी सदस्य कामरेड राघव प्रसाद सिंह, धर्मेन्द्र चौहान, प्रभात कुमार सिंह, शिवजी बीन, उपेंद्र गोंड, हलीम मियां सहित कई पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मोहम्मद अतहर हुसैन को केवल मुस्लिम होने के संदेह में भीड़ ने अमानवीय यातनाएं दीं।
आरोप है कि उन्हें बेरहमी से पीटा गया, गर्म औजार से दागा गया, कान काटे गए, उंगली तोड़ी गई और गंभीर रूप से घायल अवस्था में छोड़ दिया गया। बाद में इलाज के दौरान 12 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। वक्ताओं ने पुलिस, जिला प्रशासन और चिकित्सकीय लापरवाही को भी इस मौत का जिम्मेदार ठहराया।भाकपा (माले) नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पीड़ित के खिलाफ चोरी का झूठा मुकदमा दर्ज किया गया और असली अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है। भट्टा गांव और आसपास के इलाकों में भय का माहौल है, जहाँ अल्पसंख्यक परिवार डरे-सहमे हैं।
सभा में निम्नलिखित मुख्य माँगें उठाई गईं:
- सांप्रदायिक हिंसा और मॉब लिंचिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए।
- मोहम्मद अतहर हुसैन की हत्या में शामिल सभी दोषियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।
- पीड़ित परिवार को सुरक्षा, न्याय और 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
- झूठा मुकदमा दर्ज करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों व अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
- बुलडोजर कार्रवाई और भीड़तंत्र पर रोक लगाई जाए।
- गृह मंत्री सम्राट चौधरी कानून-व्यवस्था पर सार्वजनिक रूप से जवाब दें।
वक्ताओं ने बिहार की जनता से संविधान, लोकतंत्र और इंसाफ की रक्षा के लिए ऐसे आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।