सिडनी: बॉन्डी बीच पर यहूदी उत्सव के दौरान आतंकी हमला, 15 की मौत, दर्जनों घायल

Sydney: Terrorist attack during Jewish festival at Bondi Beach, 15 killed, dozens injured.

सिडनी— ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में बॉन्डी बीच पर रविवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब यहूदी समुदाय के हानुका पर्व के तहत आयोजित कार्यक्रम ‘चानुका बाय द सी’ के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी की गई। इस भीषण हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। कार्यक्रम में करीब एक हजार लोग मौजूद थे। पुलिस ने घटना को आतंकी हमला बताते हुए कहा है कि इसके पीछे इस्लामिक स्टेट (आईएस) से प्रेरित विचारधारा के संकेत मिले हैं।

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने मंगलवार को कहा कि शुरुआती जांच से यह साफ होता जा रहा है कि हमला आईएस की कट्टर सोच से प्रभावित था। उन्होंने इसे नफरत फैलाने वाली विचारधारा करार दिया, जो बीते एक दशक से दुनिया भर में हिंसा को बढ़ावा दे रही है। पुलिस के अनुसार, हमलावरों की कार से घरेलू स्तर पर बनाए गए दो आईएस झंडे और एक आईईडी भी बरामद की गई है।

जांच में सामने आया है कि इस हमले को अंजाम देने वाले पिता-पुत्र थे। 50 वर्षीय साजिद अकरम को पुलिस ने मौके पर ही मार गिराया, जबकि उसका 24 वर्षीय बेटा नवीद अकरम गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती है और फिलहाल पुलिस हिरासत में है। अधिकारियों के मुताबिक, साजिद के पास छह हथियारों का वैध लाइसेंस था, जिनका इस्तेमाल वारदात में किया गया।

पुलिस कमिश्नर माल लैन्यन ने बताया कि दोनों आरोपी पिछले महीने फिलीपींस की यात्रा पर गए थे। इस यात्रा के उद्देश्य को लेकर जांच जारी है और कुछ रिपोर्टों में सैन्य प्रशिक्षण की आशंका भी जताई जा रही है। वहीं, नवीद अकरम वर्ष 2019 में ऑस्ट्रेलियाई खुफिया एजेंसी एएसआईओ की जांच के दायरे में आ चुका था, जब उसके कथित तौर पर आईएस से जुड़े एक नेटवर्क से संपर्क की जानकारी सामने आई थी, हालांकि तब उसे तत्काल खतरा नहीं माना गया था।

यह हमला शाम करीब 6:47 बजे शुरू हुआ, जब हमलावरों ने एक फुटब्रिज से लंबी दूरी की राइफलों के जरिए भीड़ पर गोलियां बरसाईं। कुल 103 राउंड फायरिंग की गई। मृतकों में एक 10 वर्षीय बच्ची भी शामिल है, जबकि घायलों में बच्चे और पुलिसकर्मी भी हैं। इस दौरान एक निहत्थे राहगीर अहमद अल अहमद ने साहस दिखाते हुए एक हमलावर को निरस्त्र कर दिया, जिससे कई लोगों की जान बच सकी। प्रधानमंत्री अल्बनीज ने उनकी बहादुरी की सराहना करते हुए इसे इंसानियत की मिसाल बताया। वहीं, न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने इस घटना को यहूदी समुदाय पर “बर्बर और कायराना हमला” करार दिया।

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