भोरे/गोपालगंज: गोपालगंज के भोरे प्रखंड कार्यालय के सभागार में आज बीस सूत्री कार्यक्रम को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में सरकार द्वारा नामित सदस्योे के अलावा सभी प्रमुख सरकारी अधिकारी राजनीतिक दल के लोग उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता भोरे के प्रखंड विकास पदाधिकारी दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में की गई. इस दौरान भोरे ब्लॉक प्रमुख राजेश राम लामीचौर पंचायत के मुखिया मोहन सिंह.खदही पंचायत के मुखिया शाह आलम.भाजपा सिसई के मंडल अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह. जदयू प्रखंड अध्यक्ष बिंदा सिंह ने सरकार की चल रही योजनाओं को लेकर पदाधिकारी से फीडबैक लिया. वही सरकारी कार्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर राजनीतिक दल के प्रतिनिधि कर्मियों पर हमलावर दिखे.
इस दौरान सिसई के मंडल अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने अंचल कार्यालय में दाखिल खारिज के नाम पर हो रहे धनउगाही को लेकर पदाधिकारिओ पर नाराजगी दिखाई. उन्होंने कहा कि आम जनता को अपने हक के लिए अंचल कार्यालय मेँ घूस देनी पड़ती है. बिना पैसा लिए दाखिल खारिज का काम निपटारा नहीं होता है. प्रधानमंत्री आवास योजना में भी किश्ती के नाम पर गरीबों का शोषण किया जा रहा है. जिस कारण लाभुकों को सरकार की योजना का पूर्ण लाभ नहीं मिल रहा है. वही इस दौरान मुखिया मोहन सिंह ने मवेशी अस्पताल के चिकित्सक को लेकर गंभीर सवाल उठाए.

उन्होंने कहा कि भोरे में 3 साल से पशु चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद है लेकिन आज तक मेरे पंचायत के मवेशी अस्पताल में इनका चेहरा नहीं देखा गया. हमेशा गायब रहते हैं. कृषि विभाग को लेकर भी बैठक में असंतोष व्यक्त की गई. राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसान सलाहकार अपने पंचायत में उन्हीं लोगों को लाभ पहुंचाते हैं. जिनसे उनका फायदा होता है. आम लोग इससे वंचित रह जाते हैं. और किसानों को बीज नहीं मिलता.
नल जल योजना को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने पदाधिकारि यों पर नाराजगी जाहिर की प्रतिनिधियों का कहना था कि कई माह से पंचायत में नल जल खराब है जिससे आम लोगों को पानी की सुविधा नहीं मिलती है और पदाधिकारी टालमटोल करते हैं. हालांकि इस बीच पुरी बैठक में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर गहमा गहमी देखा गया. कार्यक्रम के दौरान भोरे अंचलाधिकारी अनुभव कुमार राय. चिकित्सा पदाधिकारी रिशु कुमार. मनरेगा पदाधिकारी कृषि पदाधिकारी सहित कई कर्मी मौजूद रहे.