प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प “सिद्धि लक्ष्य” के तहत बिहार के बेगूसराय में विकास को नई रफ्तार मिल रही है।

Under Prime Minister Narendra Modi's "Sankalp Se Siddhi" (Resolution to Achievement) initiative, development is gaining new momentum in Begusarai, Bihar.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सिद्धि लक्ष्य” के अनुरूप देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है, जिसमें बिहार का बेगूसराय जिला अहम भूमिका निभा रहा है। सिमरिया गंगा नदी पर राजेंद्र पुल के समानांतर बन रहा डबल ट्रैक रेल पुल न सिर्फ पूर्वोत्तर भारत की रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेगा, बल्कि सामरिक दृष्टि से भारतीय सेना की आवाजाही और तैयारियों को भी मजबूती प्रदान करेगा।

सिमरिया–हाथीदह डबल ट्रैक रेल पुल की कुल लंबाई लगभग 1.86 किलोमीटर है और इसके निर्माण पर करीब 1700 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। इस परियोजना का जिम्मा दिसंबर 2018 में ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने मुंबई की एफकॉन इंफ्रास्ट्रक्चर को सौंपा था। कोरोना महामारी और गंगा में आई बाढ़ जैसी चुनौतियों के बावजूद, पुल के 2026 के अंत तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। पुल में कुल 18 पिलर हैं, जिन्हें 65 से 70 मीटर गहराई तक वेल फाउंडेशन पर तैयार किया गया है, जबकि इसमें 17 स्पैन शामिल हैं।

डबल ट्रैक पुल के चालू होने के बाद सिंगल ट्रैक के कारण ट्रेनों के रुकने और विलंब की समस्या समाप्त हो जाएगी। इससे सिमरिया और हाथीदह के बीच रेल परिचालन सुगम होगा और मालवाहक ट्रेनों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी। साथ ही, राजेंद्र पुल और इसके आसपास के प्रमुख स्टेशन—हाथीदह जंक्शन, औंटा, रामपुर, डुमरा और सिमरिया—के जीर्णोद्धार का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।

राजेंद्र पुल स्टेशन पर तीन प्लेटफॉर्म और पांच ट्रैक विकसित किए जा रहे हैं। यहां दो फुट ओवरब्रिज, नया स्टेशन भवन, फूड प्लाजा, दुकानें, एटीएम, पार्किंग और यात्रियों के लिए रैंप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं हाथीदह जंक्शन के ऊपरी हिस्से में चार प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं, जिनमें दो मेन लाइन और दो लूप लाइन ट्रैक शामिल होंगे।

फिलहाल पुल निर्माण का करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अब केवल 12 नंबर पिलर का निर्माण और सुपर स्ट्रक्चर की लांचिंग शेष है, जिसे अगले दो महीनों में पूरा किए जाने की योजना है। दोनों लेन पर रेल ट्रैक बिछाने का काम लगभग समाप्त हो चुका है। इसके बाद इलेक्ट्रिफिकेशन, केबलिंग और सीआरएस ट्रायल के पश्चात ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा।

इस डबल ट्रैक रेल पुल के पूर्ण होने से न केवल रेल यातायात को नई गति मिलेगी, बल्कि बेगूसराय आर्थिक और सामरिक दृष्टि से देश के विकास मानचित्र पर एक नई पहचान स्थापित करेगा।

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