बिहारशरीफ के सदर अस्पताल में हंगामा: दुर्गा पूजा के दौरान युवक की मौत, परिजनों ने की तोड़फोड़

Uproar at Bihar Sharif Sadar Hospital: Youth dies during Durga Puja, family vandalizes hospital

बिहारशरीफ: सदर अस्पताल में मंगलवार को उस समय हंगामे का माहौल बन गया जब दुर्गा पूजा के दौरान सीने पर कलश रखकर पूजा कर रहे एक युवक की अचानक मृत्यु हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ और हंगामा किया, जिससे स्थिति अनियंत्रित हो गई।

दीपनगर थाना क्षेत्र के नेपुरा गांव निवासी 28 वर्षीय संजय सिंह, जो रामबिलास सिंह के पुत्र थे, दुर्गा पूजा के अवसर पर पिछले पांच दिनों से सीने पर कलश रखकर मां दुर्गा की उपासना कर रहे थे। मंगलवार सुबह उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजन उन्हें तुरंत सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृत्यु की घोषणा के बाद परिजन भड़क गए और उन्होंने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। उनका आरोप था कि अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई। परिजनों का कहना था कि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने पहले पुर्जा कटवाने को कहा, लेकिन उस समय काउंटर पर कर्मचारी मौजूद नहीं था। लगभग 15-20 मिनट बाद पुर्जा काटा गया, और जब संजय को डॉक्टर के पास ले जाया गया, तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। गुस्साए परिजनों ने नर्स, गार्ड और डॉक्टरों पर हमला कर दिया।

स्थिति इतनी बिगड़ गई कि डॉक्टरों को अपनी जान बचाने के लिए कमरों में बंद होना पड़ा। चिकित्सकों का कहना था कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया होता, तो उपद्रवी उन पर जानलेवा हमला कर सकते थे। इस घटना के बाद डॉक्टरों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने सुरक्षा की मांग करते हुए ओपीडी सेवाएं बंद कर दीं, जिससे अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। सूचना मिलते ही सदर डीएसपी नूरुल हक पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, परिजन संजय का शव लेकर नेपुरा गांव पहुंचे। गांव में कुछ लोगों ने दावा किया कि संजय अभी जीवित है और उसकी सांसें चल रही हैं। इसके बाद परिजन शव को भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान, पवापुरी ले गए, जहां डॉक्टरों ने दोबारा जांच कर उनकी मृत्यु की पुष्टि की। जानकारी के अनुसार, सोमवार को भी संजय की तबीयत बिगड़ी थी और स्थानीय चिकित्सक ने उन्हें सीने पर कलश रखने से मना किया था, लेकिन उन्होंने पूजा जारी रखी। मंगलवार सुबह उनका ब्लड प्रेशर अचानक गिर गया, जिसके कारण उनकी हालत बिगड़ गई और अंततः उनकी मृत्यु हो गई।

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