गंगा नदी में मछली मारने से रोके जा रहे मछुआरों की समस्याओं को लेकर वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश साहनी एक दिवसीय दौरे पर मुंगेर पहुंचे। उन्होंने दबंगों द्वारा मछुआरों को गंगा में मछली पकड़ने से रोकने और अवैध वसूली किए जाने के आरोपों को गंभीर बताते हुए मुंगेर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात की।
मुकेश साहनी ने एसपी को आवेदन सौंपते हुए मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्थानीय सांसद और विधायक, जिनकी पहुंच दिल्ली तक है, मछुआरों की समस्याओं को अनदेखा कर रहे हैं। इसी कारण उन्हें स्वयं मुंगेर आकर प्रशासन से गुहार लगानी पड़ी।
अपने दौरे के दौरान मुकेश साहनी ने गंगा में मछली पकड़कर आजीविका चलाने वाले मछुआरों से मुलाकात की। मछुआरों ने बताया कि बिहार सरकार द्वारा गंगा नदी को मछुआरों के लिए पहले ही मुक्त घोषित किया जा चुका है, ताकि वे मछली पकड़कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।
मछुआरों का आरोप है कि बिहार के कई जिलों में दबंग तत्व अवैध रूप से गंगा में मछली मार रहे हैं और असली मछुआरों को ऐसा करने से रोका जा रहा है। उन्हें डराया-धमकाया जाता है और मछली पकड़ने के बदले हफ्ता वसूली भी की जाती है। मुंगेर के हेमजापुर इलाके में भी हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं।
इन तमाम समस्याओं को लेकर मुकेश साहनी मुंगेर एसपी कार्यालय पहुंचे और मछुआरों की सुरक्षा तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में गंगा को मछुआरों के लिए मुक्त किया गया था, ताकि मछुआरा समाज सम्मानपूर्वक अपनी रोजी-रोटी चला सके। लेकिन आज कुछ नेताओं के संरक्षण में अवैध रूप से गंगा में मछली मारी जा रही है।
वहीं इस मामले पर मुंगेर एसपी ने बताया कि पुलिस को पूरे प्रकरण की जानकारी है। घटना स्थल पर अंचलाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम भेजी गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मछुआरों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पुलिस द्वारा कई एहतियाती कदम उठाए गए हैं।