पटना: जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम के निर्देश पर घरेलू एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए पटना जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है और एलपीजी गैस की कालाबाजारी व अन्य अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत अब तक कुल चार मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें बाढ़ अनुमंडल में तीन एफआईआर और दानापुर अनुमंडल में एक एफआईआर दर्ज की गई है। ये सभी मामले घरेलू एलपीजी गैस से जुड़ी अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। बाढ़ अनुमंडल में एक रेस्टोरेंट व फूड कैफे में कमर्शियल गैस सिलेंडर की जगह घरेलू सिलेंडर का उपयोग किए जाने पर प्राथमिकी दर्ज की गई, जबकि दानापुर में गैस की कालाबाजारी के मामले में कार्रवाई की गई है।
जिलाधिकारी ने कहा कि उपभोक्ताओं के हित में घरेलू एलपीजी गैस की पारदर्शी और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरा प्रशासनिक तंत्र सक्रिय है। अपर जिला दंडाधिकारी, जिला स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी और प्रखंड स्तरीय अधिकारी लगातार एलपीजी गैस डीलरों और वितरकों के यहां निरीक्षण और छापेमारी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं और आम जनता से फीडबैक भी लिया जा रहा है। यदि कहीं ब्लैकमार्केटिंग, जमाखोरी या अधिक कीमत पर गैस बेचने की शिकायत मिलती है तो दोषियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी का निर्देश दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर एस्मा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी के अनुसार, प्रखंड स्तर पर घरेलू एलपीजी सिलेंडर से संबंधित शिकायतों के समाधान और जमाखोरी रोकने के लिए 28 धावा दलों का गठन किया गया है। इन दलों में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, आपूर्ति निरीक्षक और सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। ये अधिकारी उपभोक्ताओं और नियंत्रण कक्ष से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर तुरंत कार्रवाई कर रहे हैं।
जिला प्रशासन ने घरेलू एलपीजी गैस से संबंधित शिकायतों के लिए जिला स्तर पर हेल्पलाइन और नियंत्रण कक्ष (दूरभाष संख्या 0612-2219810) भी सक्रिय किया है। उपभोक्ता सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक इस नंबर पर सूचना, शिकायत या सुझाव दे सकते हैं। प्रशासन द्वारा प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है और नियंत्रण कक्ष में पालीवार पदाधिकारियों व कर्मियों की तैनाती की गई है।
जिलाधिकारी ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।