नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की मौत के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री और रक्षामंत्री ने “माकूल कार्रवाई” और “अंजाम भुगतने” जैसे कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी है, जिससे पाकिस्तान में बेचैनी फैल गई है और युद्ध जैसी आशंका जताई जा रही है।
पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस तनाव को कम करने की अपील कर रहा है, जबकि भारत ने हमले के पीछे तीन पाकिस्तानी नागरिकों समेत पांच आतंकियों की पहचान कर उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का संकल्प लिया है।
इसी बीच, वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने सोमवार को एक अहम रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट का शीर्षक है: “भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से पाकिस्तान की वृद्धि पर असर”। इसमें चेतावनी दी गई है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष की स्थिति बनती है, तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
मूडीज के अनुसार, पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान एक और झटका सह नहीं पाएगा। ऐसे हालात में उसका विदेशी मुद्रा भंडार दबाव में आ सकता है और उसकी आर्थिक वृद्धि दर और गिर सकती है।
वहीं दूसरी ओर, भारत पर इसका सीमित असर होने की बात रिपोर्ट में कही गई है। इसका कारण यह है कि भारत और पाकिस्तान के बीच आर्थिक संबंध बेहद सीमित हैं—2024 में भारत के कुल निर्यात में पाकिस्तान की हिस्सेदारी 0.5% से भी कम थी। इसलिए किसी भी प्रकार की सैन्य तनातनी से भारत की आर्थिक गतिविधियों पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।
मूडीज की यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है, जब दोनों देशों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज़ हो गई है और पाकिस्तान संभावित भारतीय कार्रवाई से बचने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों की ओर देख रहा है।