नई दिल्ली। मध्य पूर्व एशिया में युद्ध जैसे हालात के बीच केंद्र सरकार ने देशभर में कानून-व्यवस्था को लेकर एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र जारी कर ईरान के समर्थन या विरोध में संभावित प्रदर्शनों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
गृह मंत्रालय द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का प्रभाव देश के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिल सकता है। ऐसे में यदि किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में ईरान के पक्ष या विपक्ष में प्रदर्शन आयोजित होते हैं, तो स्थानीय प्रशासन को हालात पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि कुछ असामाजिक तत्व या संगठित समूह प्रदर्शनों की आड़ में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसी किसी भी संभावित साजिश को विफल करने के लिए खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
गृह मंत्रालय ने राज्यों को सोशल मीडिया पर प्रसारित भड़काऊ या भ्रामक संदेशों पर नजर रखने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि अफवाहों के जरिए तनाव फैलाने की कोशिशों को समय रहते रोका जा सके। साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को आवश्यकतानुसार एहतियाती कदम उठाने के लिए कहा गया है।
केंद्र सरकार ने दोहराया है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय बनाकर शांति और सद्भाव बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। कई स्थानों पर लोग खामेनेई के समर्थन में एकजुट होकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसका असर कानून-व्यवस्था पर पड़ रहा है।
वहीं जम्मू-कश्मीर के विभिन्न इलाकों से भी विरोध प्रदर्शनों की सूचनाएं मिल रही हैं। श्रीनगर में एहतियातन मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं और स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।