पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर चर्चा जोरों पर है, लेकिन अभी तक सहमति नहीं बन सकी है। सूत्रों के अनुसार, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की मांगें इस देरी का प्रमुख कारण हैं।
बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से भाजपा और जेडीयू मिलकर लगभग 205 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहते हैं, जिसमें भाजपा को 102 और जेडीयू को 103 सीटें मिलने की संभावना है। शेष 38 सीटें चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास), उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएसपी और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के बीच बांटी जाएंगी। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने चिराग को 25, कुशवाहा को 6 और मांझी को 7 सीटों का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, चिराग पासवान 30 सीटों और समस्तीपुर, खगड़िया, जमुई, और औरंगाबाद जैसे अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में दावेदारी चाहते हैं।
भाजपा के सामने चुनौती यह है कि चिराग की मांगें मानने पर मांझी और कुशवाहा की सीटें कम करनी पड़ेंगी। इससे बचने के लिए भाजपा रणनीति बना रही है कि छोटे दलों को राज्यसभा सीटें या विधान परिषद में प्रतिनिधित्व देकर संतुष्ट किया जाए। उपेंद्र कुशवाहा को पहले ही राज्यसभा भेजा जा चुका है, और अब यह विकल्प चिराग या मांझी के लिए खुला हो सकता है। साथ ही, चुनाव बाद मंत्री पद या अन्य जिम्मेदारियां देकर असंतोष को दूर करने की योजना है।
भाजपा और जेडीयू इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चेहरे पर चुनाव लड़ने की रणनीति बना रहे हैं, जबकि छोटे दलों को उनके प्रभाव वाले क्षेत्रों तक सीमित रखने की कोशिश है। लेकिन चिराग के कड़े रुख ने इस फॉर्मूले को अटका दिया है। सूत्रों के मुताबिक, आज दिल्ली में चिराग पासवान और भाजपा के शीर्ष नेताओं की बैठक होगी, जिसमें सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। यदि सहमति बनती है, तो 10 अक्टूबर तक आधिकारिक घोषणा और 15 अक्टूबर तक पहले चरण के उम्मीदवारों की सूची जारी हो सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सीट बंटवारे का मसला जल्द सुलझना जरूरी है, वरना विपक्षी गठबंधन को प्रचार में बढ़त मिल सकती है। चिराग पासवान की नाराजगी अगर बढ़ी, तो यह एनडीए के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। अब सबकी नजरें दिल्ली की बैठक पर टिकी हैं, जो बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एनडीए के “सीट फार्मूले” को तय करेगी।