पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आज पटना स्थित विकास भवन में अपने कार्यालय कक्ष में खनन विभाग से जुड़े लंबित मामलों के समाधान हेतु एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव, एडीजी (आर्थिक अपराध इकाई), अपर मुख्य सचिव (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन), खान एवं पर्यटन विभाग के सचिवगण, पटना के जिलाधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अनियमित घाटों की होगी जांच, जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट से हटेंगे अवैध स्थल
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला स्तर पर एक समिति का गठन किया जाएगा, जो उन सफेद बालू घाटों की जांच करेगी जो नदी की धाराओं के मध्य, दियारा क्षेत्रों में स्थित हैं या नीलामी के योग्य नहीं हैं। ऐसे घाटों को जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए बनेगी अनुश्रवण इकाई
बैठक में यह भी तय हुआ कि बालू घाटों की नीलामी के बाद पर्यावरणीय स्वीकृति के लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन हेतु एक सतत अनुश्रवण इकाई का गठन पर्यावरण विभाग में किया जाएगा।
पत्थर पट्टों की जांच के निर्देश
पर्यटन, पर्यावरण और खान विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे पूर्व में संचालित पत्थर पट्टों का संयुक्त निरीक्षण कर एक सप्ताह के भीतर अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करें।
पुलिस बल की उपलब्धता भी सुनिश्चित
खनन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए विभागीय मुख्यालय स्तर पर पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु पुलिस मुख्यालय को आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
खनन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने का प्रयास
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, नियमों का पालन और अवैध खनन पर रोक सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए प्रशासनिक और विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत किया जा रहा है।
इस बैठक के माध्यम से बिहार सरकार ने यह संकेत दिया है कि वह खनन क्षेत्र को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के साथ संचालित करने के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है।