ढाका: बांग्लादेश की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री आसदुज्जमान खान कमाल को मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने दोनों को अगस्त 2024 में हुए छात्र आंदोलन के दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की हत्याओं का मास्टरमाइंड करार दिया है। ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि शेख हसीना ने व्यक्तिगत रूप से लक्षित हत्याओं के आदेश दिए, प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के निर्देश दिए और हेलीकॉप्टर एवं ड्रोन से निशाना साधने का हुक्म जारी किया था।
कोर्ट ने वीडियो साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने सरकार की आलोचना करने वाले कई पत्रकारों, विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जबरन पदच्युत करवाया और उनके खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई की। ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट कहा कि शेख हसीना मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए अधिकतम सजा की हकदार हैं।
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में छात्रों के कोटा विरोधी आंदोलन ने बड़े जन-आंदोलन का रूप ले लिया था, जिसके बाद तख्तापलट हुआ और शेख हसीना भारत भाग आई थीं। वह पिछले 15 महीनों से भारत में ही हैं।
फैसले के बाद हिंसा की आशंका के मद्देनजर पूरे बांग्लादेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए हैं और गश्ती दल स्टैंडबाय पर रखे गए हैं। पिछले सप्ताह देशभर में करीब 40 आगजनी की घटनाएं हुईं, जिनमें ज्यादातर बसों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा दर्जनों बम धमाके भी हुए, जिनमें दो लोगों की मौत हो गई।
अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की अराजकता को रोकने के लिए पूरी तैयारी है।