अररिया : जोकीहाट नगर पंचायत में 1.13 करोड़ रुपये की कथित अनियमित खरीदारी का मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। इस मामले में पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी Vinod Kumar के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
यह कार्रवाई वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी Atiur Rahman के आवेदन और नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश पर की गई। मामले की पुष्टि करते हुए राजीव कुमार झा ने बताया कि जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर Sonali Kumari को सौंपी गई है।
आचार संहिता के दौरान खरीद का आरोप
आरोप है कि तत्कालीन ईओ विनोद कुमार ने जनप्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण से पहले ही आचार संहिता के दौरान नियमों को नजरअंदाज करते हुए लाखों रुपये की सामग्री की खरीदारी कर ली थी। इसमें चलंत शौचालय, डस्टबिन और नेम बोर्ड जैसी सामग्री शामिल थी, जिसे बिना पार्षदों की सहमति के खरीदा गया।
बताया जा रहा है कि जोकीहाट नगर पंचायत का गठन 3 मार्च 2021 को हुआ था, जबकि पहली बार जनप्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण 15 जनवरी 2023 को हुआ। आरोप है कि इससे पहले ही अनियमित तरीके से खरीदारी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
जांच में सामने आईं वित्तीय अनियमितताएं
मामला सामने आने के बाद नगर पंचायत में काफी हंगामा हुआ था। मुख्य पार्षद Safidan Khatun समेत अन्य पार्षदों ने घटिया सामग्री और अनियमित खरीदारी को लेकर जिलाधिकारी Inayat Khan से जांच की मांग की थी।
इसके बाद गठित जांच समिति की रिपोर्ट में कई वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ। मामला धीरे-धीरे नगर विकास विभाग और पटना तक पहुंच गया, जिसके बाद अब एफआईआर दर्ज की गई है।
खरीदी गई सामग्री पर भी सवाल
स्थानीय लोगों और पार्षदों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च कर खरीदी गई सामग्री की गुणवत्ता बेहद खराब थी। चलंत शौचालय और अन्य सामान उपयोग में नहीं आ सके और कई नेम बोर्ड कुछ ही महीनों में खराब हो गए।
एफआईआर दर्ज होने के बाद नगर पंचायत के पार्षदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसे अपनी लंबी लड़ाई की जीत बताया है।