राजधानी पटना में ऑटो के जरिए लोगों को निशाना बनाकर लूट और ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। अगमकुआं, चित्रगुप्तनगर और बेउर थाना क्षेत्र में लगातार हो रही घटनाओं के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी वैशाली जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देता था। गिरोह का एक सदस्य ऑटो चालक बनकर सड़कों पर घूमता था, जबकि अन्य सदस्य यात्री बनकर उसी ऑटो में बैठे रहते थे। जैसे ही कोई अकेला व्यक्ति ऑटो में बैठता, आरोपी उसे अपने झांसे में फंसा लेते और सुनसान जगह पर ले जाकर लूटपाट करते थे।
इतना ही नहीं, यह गिरोह नकली सोने के गहनों के जरिए भी लोगों को ठगता था। आरोपी खुद को मजबूर बताकर सस्ते दाम में सोना बेचने का लालच देते थे। जब लोग उनके झांसे में आ जाते, तब उनसे पैसे लेकर नकली गहने थमा दिए जाते थे। इस तरह की शिकायतें पुलिस को लगातार मिल रही थीं।
बढ़ती घटनाओं को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी जांच, CCTV फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और छापेमारी कर चारों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से सोने जैसे दिखने वाले दो चैन, एक जोड़ी झुमका, चार पीस बाला, चांदी जैसे दिखने वाले आठ पीस बाला, पांच जोड़ी पायल और 6 लाख 56 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल किया गया एक CNG टेम्पू, एक बाइक और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह लंबे समय से राजधानी के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय था। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके नेटवर्क और अब तक की गई अन्य वारदातों का खुलासा हो सके।