नई दिल्ली: बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए, जिनमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगने पर उन्हें पद से हटाने का कड़ा प्रावधान शामिल है। प्रस्ताव के मुताबिक, अगर कोई मंत्री 30 दिन तक जेल में रहता है, तो 31वें दिन उसे इस्तीफा देना होगा या उसे पद से हटा दिया जाएगा।
गृह मंत्री ने जिन तीन विधेयकों को लोकसभा में पेश किया, वे हैं:
- संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025
- केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025
- जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025
जैसे ही अमित शाह ने ये विधेयक सदन में पेश किए, विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। कांग्रेस सहित विपक्ष ने इन्हें ‘अलोकतांत्रिक’ बताते हुए हंगामा किया और कुछ सांसदों ने बिल की कॉपी फाड़कर अमित शाह की ओर फेंक दी।
संसद में विपक्ष ने बिल की कॉपी फाड़ अमित शाह के सामने फेंका।#AmitShah #Parliament pic.twitter.com/mt4qsngjaV
— Deepak Khatri (@Deepakkhatri812) August 20, 2025
जेपीसी को भेजा जाएगा विधेयक
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि दागी नेताओं को हटाने संबंधी प्रावधान वाले इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजा जाएगा, जिससे इस पर सभी पक्षों से विचार-विमर्श किया जा सके। हालांकि, विपक्ष का विरोध इसके बावजूद थमा नहीं।
सुरक्षा के घेरे में शाह, सदन में धक्का-मुक्की
हंगामे के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ी कि हाउस मार्शलों को अमित शाह के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाना पड़ा। बीजेपी सांसद रवनीत सिंह बिट्टू और किरेन रिजिजू शाह के पास पहुंच गए। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी देखी गई।
विपक्ष का आरोप: लोकतंत्र की अनदेखी
कांग्रेस के मनीष तिवारी, केसी वेणुगोपाल, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी, आरएसपी के एन. के. प्रेमचंद्रन, और सपा के धर्मेंद्र यादव ने विधेयकों का विरोध करते हुए कहा कि बिल पेश करने की जानकारी सात दिन पहले नहीं दी गई और न ही उनकी प्रतियां समय पर वितरित की गईं।
सरकार का पलटवार
सरकार ने विपक्षी बर्ताव को गैर-जिम्मेदार बताया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर कहा, “जनता हमें काम के लिए भेजती है, हंगामे के लिए नहीं। लोकतंत्र का अपमान करने वालों को देश माफ नहीं करेगा। सांसदों को जनादेश का सम्मान करते हुए चर्चा में भाग लेना चाहिए।”
विपक्ष का आरोप: देश को ‘पुलिस राज्य’ बनाने की कोशिश
विपक्ष ने सरकार पर ‘पुलिस राज्य’ की ओर बढ़ने का आरोप लगाया। विपक्षी दलों का कहना है कि इन विधेयकों के जरिए सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने की कोशिश कर रही है।