गर्मियों के मौसम में लोग अक्सर ठंडा पानी पीना और एयर कंडीशनर (एसी) में रहना पसंद करते हैं। लेकिन अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या ज्यादा ठंडा पानी पीने या तेज एसी में रहने से हार्ट अटैक हो सकता है? इस सवाल का जवाब दिया है डॉ. एस.एस. सीबीआ (कार्डियोलॉजिस्ट व डायरेक्टर, सीबीआ मेडिकल सेंटर, लुधियाना) ने।
क्या ठंडा पानी पीने से हार्ट अटैक हो सकता है?
डॉ. सीबीआ के अनुसार, सामान्य रूप से ठंडा पानी पीने से हार्ट अटैक नहीं होता। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति पहले से हृदय रोग से पीड़ित है या अचानक बहुत अधिक ठंडा पानी पी लेता है, तो उसे दिक्कत हो सकती है। ठंडा पानी शरीर का आंतरिक तापमान तेजी से घटा देता है, जिससे रक्त वाहिकाएं (ब्लड वेसल्स) सिकुड़ सकती हैं। इससे दिल पर दबाव बढ़ सकता है और कुछ लोगों को सीने में दर्द या बेचैनी महसूस हो सकती है।
तेज एसी में रहने से क्या होता है?
तेज एसी के कारण भी शरीर के तापमान में अचानक बदलाव हो सकता है। यह उन लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है जिन्हें पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या हृदय रोग है। एसी की तेज हवा नसों को संकुचित कर सकती है, जिससे दिल को खून पंप करने में परेशानी होती है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
क्या सभी को खतरा होता है?
नहीं, यह खतरा मुख्य रूप से उन्हीं लोगों को होता है जिन्हें पहले से दिल की बीमारी है। स्वस्थ व्यक्ति के लिए ठंडा पानी पीना या एसी में बैठना नुकसानदायक नहीं होता, लेकिन शरीर की सहनशीलता के अनुसार ठंडक लेनी चाहिए।
बचाव के उपाय
- बहुत ठंडा पानी एकदम से न पिएं, हल्का ठंडा या सामान्य तापमान का पानी पिएं।
- एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें।
- एसी से बाहर निकलते समय सीधे गर्म वातावरण में न जाएं, शरीर को थोड़ा समय दें।
- यदि दिल से जुड़ी कोई बीमारी है तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
निष्कर्ष:
ठंडा पानी या तेज एसी सीधे तौर पर हार्ट अटैक की वजह नहीं बनते, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में ये जोखिम पैदा कर सकते हैं। इसलिए सावधानी और संतुलन ज़रूरी है।