इस्लामाबाद: पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ती नजदीकियों को लेकर एक अहम दावा सामने आया है। प्रसिद्ध बलूच नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि चीन आने वाले महीनों में पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में अपनी सेना तैनात कर सकता है। अपने पत्र में उन्होंने चीनी दखल पर गहरी चिंता जताने के साथ-साथ वर्ष 2025 में भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की भी खुलकर प्रशंसा की है।
ड्रैगन की रणनीति: बलूचिस्तान में PLA की संभावित एंट्री
जयशंकर को संबोधित पत्र में मीर यार बलूच ने कहा कि बीजिंग और इस्लामाबाद का बढ़ता गठबंधन बलूच जनता के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। उनका आरोप है कि चीन आर्थिक हितों और परियोजनाओं की सुरक्षा के नाम पर बलूचिस्तान में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की तैनाती की योजना बना रहा है। उन्होंने लिखा कि बलूचिस्तान लंबे समय से दमन, सरकार-प्रायोजित हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों का सामना करता आया है, और चीनी सेना की मौजूदगी से हालात और बिगड़ सकते हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना
नववर्ष 2026 के संदेश में मीर बलूच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ की। उन्होंने 2025 में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को निर्णायक कदम बताया। उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने यह जवाबी कार्रवाई की थी, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। मीर बलूच के मुताबिक, यह अभियान क्षेत्रीय सुरक्षा और न्याय के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
‘बलूचिस्तान ग्लोबल डिप्लोमेटिक वीक’ की घोषणा
मीर बलूच ने बताया कि मई 2025 में बलूच राष्ट्रवादी नेताओं ने पाकिस्तान से प्रतीकात्मक स्वतंत्रता की घोषणा की थी। इसी क्रम में ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ वर्ष 2026 के पहले सप्ताह में ‘बलूचिस्तान ग्लोबल डिप्लोमेटिक वीक’ मनाएगा, जिसका उद्देश्य विभिन्न देशों के साथ सीधे राजनयिक संपर्क स्थापित करना है।
सांस्कृतिक विरासत पर जोर
भारत के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने हिंगलाज माता मंदिर (नानी मंदिर) को साझा विरासत और आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक बताया। मीर बलूच ने बलूचिस्तान के लगभग 6 करोड़ लोगों की ओर से भारत के 140 करोड़ नागरिकों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और भरोसा जताया कि दोनों के बीच सांस्कृतिक रिश्ते आने वाले समय में और मजबूत होंगे।