प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान मौनी अमावस्या के दिन हुई भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की जान चली गई और 60 से अधिक लोग घायल हो गए। इस भगदड़ के बाद एक शख्स, खूंटी गुरु (65), लापता हो गए थे और घर वापस नहीं लौटे थे। परिवार और दोस्तों ने उन्हें मृत मानते हुए उनके तेरहवीं भोज की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ जिसने सभी को चकित कर दिया।
भगदड़ के बाद लापता थे खूंटी गुरु
मौनी अमावस्या के दिन भगदड़ के बाद खूंटी गुरु का कोई सुराग नहीं मिला था। कई दिन तक उनका कुछ पता नहीं चला, जिसके बाद उनके दोस्तों ने तेरहवीं भोज की तैयारी शुरू कर दी थी। इस भोज की तैयारी चल ही रही थी कि अचानक खूंटी गुरु ई-रिक्शा से घर वापस लौट आए। उनके घर आने से परिवार और दोस्त खुशी से झूम उठे।
अचानक घर पहुंचे खूंटी गुरु
समाजसेवी बाबा अवस्थी ने बताया कि खूंटी गुरु 29 जनवरी को मौनी अमावस्या का स्नान करने के लिए कुंभ गए थे। भगदड़ के बाद वह घर नहीं लौटे थे, और मोहल्ले के लोग उनका इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा, “खूंटी गुरु फक्कड़ स्वभाव के व्यक्ति हैं और भजन में समय बिताते हैं। उनके पास मोबाइल फोन भी नहीं था।” भोज के लिए तैयारी चल ही रही थी कि तभी खूंटी गुरु घर वापस लौट आए।
खूंटी गुरु ने बताया कहां थे इतने दिन
जब खूंटी गुरु से पूछा गया कि वह इतने दिन कहां थे, तो उन्होंने बताया कि वह मेले में नागा साधुओं के पास भजन और भोजन कर रहे थे। उन्होंने कहा, “वहां बड़ा आनंद आ रहा था, इसलिए वह वहां रुके रहे।” अभय अवस्थी ने बताया कि खूंटी गुरु अविवाहित हैं और उनके परिवार में एक बहन है जिनका विवाह हो चुका है।
खूंटी गुरु की सकुशल वापसी पर परिवार और दोस्तों में खुशी की लहर दौड़ गई और तेरहवीं भोज के लिए तैयार किया गया खाना सभी ने खुशी-खुशी आपस में बांट लिया।