मुम्बई: महाराष्ट्र के कृषि मंत्री और एनसीपी नेता माणिकराव कोकाटे और उनके भाई सुनील कोकाटे को गुरुवार, 20 फरवरी को नासिक जिला अदालत ने सजा सुनाई। यह सजा 1995 और 1997 के दौरान फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर मुख्यमंत्री कोटे से फ्लैटों को हड़पने के मामले में दी गई है। अदालत ने दोनों को दो साल की सजा और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। हालांकि, फैसले के दो घंटे बाद ही माणिकराव कोकाटे को 15 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मिल गई है। कोर्ट ने उन्हें 30 दिन का समय दिया है ताकि वे सत्र न्यायालय में अपील कर सकें। माणिकराव ने संकेत दिया है कि वह इस फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
यह मामला पूर्व मंत्री तुकाराम दिघोले द्वारा दायर की गई याचिका से जुड़ा हुआ था, जो पिछले कई वर्षों से नासिक जिला न्यायालय में चल रही थी। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि मुख्यमंत्री कोटे के तहत सरकार द्वारा कम आय वाले व्यक्तियों को कम दर पर फ्लैट दिए जाते हैं, लेकिन माणिकराव और सुनील कोकाटे ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए यह फ्लैट हड़प लिए।
फर्जी दस्तावेजों से फ्लैट हड़पने का आरोप
माणिकराव कोकाटे और उनके भाई ने 1995 और 1997 के दौरान फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नासिक के कनाडा कॉर्नर इलाके के निर्माण व्यू अपार्टमेंट में मुख्यमंत्री के कोटे से दो फ्लैट प्राप्त किए थे। इसके अलावा, इस इमारत के अन्य दो फ्लैटों का भी इस्तेमाल कोकाटे बंधुओं द्वारा किया जा रहा था। जांच में यह बात सामने आई कि यह फ्लैट फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हड़पे गए थे, और इसके खिलाफ आईपीसी 420, 465, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
कोकाटे की विधायकी और मंत्री पद पर संकट
नासिक कोर्ट का यह फैसला माणिकराव कोकाटे के लिए मुश्किलों का कारण बन सकता है, क्योंकि अगर किसी जनप्रतिनिधि को दो साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसे अयोग्य घोषित किया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप, माणिकराव को अपनी विधायकी और मंत्री पद से भी हाथ धोना पड़ सकता है।
कांग्रेस ने कोकाटे के इस्तीफे की मांग की
कांग्रेस ने इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से माणिकराव कोकाटे का इस्तीफा तुरंत लेने की मांग की है। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि किसानों को भिखारी कहने वाले माणिकराव कोकाटे को न्यायालय से सजा मिली है, और मुख्यमंत्री को उनका इस्तीफा वापस लेना चाहिए।