नई दिल्ली: तेजस्वी यादव के बयान पर भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी का हमला – “इंडिया गठबंधन को अब भी संविधान से है परहेज”

New Delhi: BJP MP Sudhanshu Trivedi attacks Tejashwi Yadav's statement - "India alliance still avoids the constitution"

नई दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राजद नेता तेजस्वी यादव और इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तेजस्वी यादव के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि वह संसद द्वारा पारित वक्फ बोर्ड कानून को “कूड़ेदान में फेंकने” की बात कर रहे हैं।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “हमने अभी हाल ही में आपातकाल के 50 वर्ष पूरे किए हैं, जो भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला अध्याय था। लेकिन दुख की बात है कि पटना के गांधी मैदान, जहां संविधान की रक्षा के लिए लोग एकत्र होते थे, अब वहीं इंडिया गठबंधन के नेता संविधान की अवमानना कर रहे हैं। तेजस्वी यादव ने खुलेआम कहा कि वह संसद से पारित कानून को कूड़ेदान में फेंक देंगे।”

भाजपा सांसद ने आगे कहा, “यह न केवल संसद का अपमान है, बल्कि न्यायपालिका की अवमानना भी है, क्योंकि वक्फ बोर्ड कानून वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। यह बयान दिखाता है कि इंडिया गठबंधन अब भी संविधान को नहीं मानता। वोट बैंक की राजनीति में वे संविधान की मर्यादाओं को कुचलना चाहते हैं।”

वक्फ को लेकर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “कुरान में ‘वक्फ’ जैसा कोई शब्द नहीं है, यह एक कृत्रिम अवधारणा है जिसे मौलवियों ने गढ़ा है। इस्लाम दान की बात करता है, संग्रह की नहीं। यह संविधान को धर्मनिरपेक्ष दस्तावेज से बदलकर धार्मिक एजेंडा थोपने की कोशिश है।”

त्रिवेदी ने कहा कि तेजस्वी यादव और उनका गठबंधन सिर्फ संपन्न वर्ग के कुछ लोगों के हितों के लिए खड़े हैं, न कि गरीब मुसलमानों के लिए। उन्होंने कहा, “ये जयप्रकाश नारायण और कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा के विरुद्ध हैं। यदि कभी सत्ता में आए (जो संभव नहीं), तो ये शरिया कानून लागू करने की कोशिश करेंगे और संविधान को किनारे कर देंगे।”

उन्होंने 1985 के शाहबानो केस का हवाला देते हुए कहा कि उस समय भी बहुमत की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को रद्द कर शरिया को प्राथमिकता दी थी।

सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राजद मिलकर एससी/एसटी और ओबीसी आरक्षण को खत्म करना चाहते हैं। “जामिया और एएमयू जैसे संस्थानों में आरक्षण समाप्त किया गया। तेलंगाना, कर्नाटक और बंगाल में मुस्लिमों को ओबीसी में शामिल किया गया, जबकि यह समुदाय पहले हिंदू ओबीसी से कन्वर्ट हुआ था।”

अंत में उन्होंने कहा, “हम इंडिया गठबंधन के सपनों को साकार नहीं होने देंगे। भारत बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान से ही चलेगा, न कि किसी मजहबी कानून से।”

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