नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-खापलांग (NSCN-K) और इसके सभी गुटों, शाखाओं व संगठनों को 5 साल के लिए ‘गैरकानूनी संघ’ घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध 28 सितंबर, 2025 से तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
गृह मंत्रालय ने प्रतिबंध के कारणों को स्पष्ट करते हुए कहा कि NSCN-K का उद्देश्य भारत और म्यांमार के क्षेत्रों को मिलाकर एक ‘संप्रभु नागालैंड’ की स्थापना करना है, जो भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए गंभीर खतरा है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि यह संगठन सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों के अपहरण सहित विभिन्न हिंसक और गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त रहा है।
इस प्रतिबंध के बाद सुरक्षा एजेंसियों को NSCN-K और इसके सहयोगी संगठनों की संपत्ति जब्त करने का अधिकार प्राप्त हो गया है। साथ ही, संगठन से जुड़े या इसके लिए काम करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने इस कदम को पूर्वोत्तर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया है।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन या पुलिस को प्रदान करें, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को और सुदृढ़ किया जा सके।