नई दिल्ली: यौन शोषण के गंभीर आरोपों में घिरे चैतन्यानंद पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा और कसता जा रहा है। रविवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी बाबा को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। इसके बाद, सोमवार तड़के दिल्ली पुलिस की टीम चैतन्यानंद को उस इंस्टिट्यूट ले गई, जहां कथित तौर पर छात्राओं का यौन शोषण किया जाता था।
पुलिस ने चैतन्यानंद को इंस्टिट्यूट के ग्राउंड फ्लोर पर बने टॉर्चर रूम में ले जाकर जांच की, जहां वह छात्राओं को निजी तौर पर बुलाता था। इस दौरान पुलिस ने इंस्टिट्यूट में लगे सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन की जांच की और यह पता लगाया कि बाबा के पास किन कैमरों की पहुंच थी। साथ ही, यह भी देखा गया कि वह किस तरह छात्राओं की गतिविधियों पर नजर रखता था। पुलिस ने मामले में गंभीर धारा 351(3) जोड़ी है, जो गैर-जमानती अपराध है और हत्या की धमकी जैसे संगीन अपराधों के लिए लागू होती है। इससे पहले इस मामले में धारा 351(2) लगाई गई थी, जो तुलनात्मक रूप से कम गंभीर है। पुलिस का दावा है कि चैतन्यानंद ने अब तक 16 लड़कियों का यौन शोषण किया है, और इसके समर्थन में पुख्ता डिजिटल सबूत भी मौजूद हैं।
पुलिस ने कोर्ट से बाबा और पीड़िताओं का आमना-सामना कराने तथा छिपाए गए डिजिटल सबूत इकट्ठा करने के लिए हिरासत की मांग की थी। वहीं, चैतन्यानंद के वकील ने इसका विरोध करते हुए दावा किया कि पुलिस उनके साथ उचित व्यवहार नहीं कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बाबा एक वरिष्ठ नागरिक और साधु हैं, जिनका स्वास्थ्य खराब है, और पुलिस पहले ही उनका सारा सामान जब्त कर चुकी है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि बाबा ने बाथरूम तक में कैमरे लगवाए थे, जिससे छात्राओं की निजता का गंभीर उल्लंघन हुआ। पुलिस के अनुसार, पीड़ित लड़कियों को अल्मोड़ा, गुड़गांव और फरीदाबाद ले जाया जाता था।
अब तक 16 लड़कियों ने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज की है। पुलिस डिजिटल सबूतों को और मजबूत करने के लिए आईपी एड्रेस की जांच भी कर रही है। जांच अभी जारी है, और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।