नई दिल्ली: सरकार ने गरीब कैदियों के लिए एक विशेष योजना में 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो जुर्माना या जमानत बांड देने में असमर्थ हैं। अब तक 12 राज्यों ने इस योजना से 22 लाख रुपये से अधिक की राशि प्राप्त की है।
गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने बुधवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में इस जानकारी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने 2023 में “गरीब कैदियों को सहायता” योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जून 2023 में विस्तृत दिशा-निर्देश और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की गई थी।
कुमार ने कहा कि योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए प्रत्येक वर्ष 20-20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य उन गरीब कैदियों को राहत प्रदान करना है, जो जुर्माना नहीं चुकाने या जमानत बांड प्रस्तुत करने में असमर्थ होने के कारण जेल से रिहा नहीं हो पा रहे हैं।
इसके लिए केंद्रीय नोडल एजेंसी (CNA) खाते के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को धनराशि उपलब्ध कराई गई है। गृह राज्य मंत्री ने बताया कि अब तक 12 राज्यों ने सीएनए खाते से 22,84,451 रुपये की धनराशि प्राप्त की है।