नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर पर बोले जगद्गुरु रामभद्राचार्य – पाकिस्तान को लगे हैं सौ साल वाले घाव, जल्द मिलेगा पीओके

New Delhi: Jagadguru Rambhadracharya spoke on Operation Sindoor – Pakistan has suffered wounds of hundred years, will soon get POK

नई दिल्ली: जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और भारतीय सेना के पराक्रम की दिल खोलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि भारत की सैन्य कार्रवाई से पाकिस्तान को इतनी गहरी चोट पहुंची है कि उसे उबरने में सदी भर का समय लगेगा। साथ ही उन्होंने विश्वासपूर्वक कहा कि “हमें पीओके चाहिए और हमें यह बहुत जल्द मिलेगा।”

पाकिस्तान को चेतावनी
रामभद्राचार्य ने कहा, “पाकिस्तान अपनी आदत से बाज नहीं आएगा। इस बार ऑपरेशन सिंदूर में उसकी ऐसी धुलाई हुई है कि आगे से कोई भी नापाक हरकत भारी पड़ेगी। भारतीय सेना ने जो पराक्रम दिखाया है, वह अभूतपूर्व है।” उन्होंने स्पष्ट कहा कि “अब हमारा अगला लक्ष्य पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) है, और हम उसे जल्द हासिल करेंगे।”

ज्ञानपीठ पुरस्कार पर भावुक प्रतिक्रिया
ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर उन्होंने कहा, “यह सम्मान मेरे लंबे संघर्ष का परिणाम है। संघर्ष जितना बड़ा होता है, सफलता उतनी ही बड़ी मिलती है। मैंने 250 पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें 150 संस्कृत में हैं। मेरी चार संस्कृत महाकाव्य भी प्रकाशित हो चुकी हैं।”

उन्होंने यह भी कहा, “मैंने यह पुरस्कार किसी से उधार में नहीं लिया है, मैंने काम किया है, इसलिए यह सम्मान मुझे मिला है। पहली बार किसी संत को यह पुरस्कार मिला है, जो मेरे लिए गर्व की बात है।”

राष्ट्रपति ने की सराहना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार, 16 मई को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में जगद्गुरु रामभद्राचार्य को 58वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिव्यांग होते हुए भी रामभद्राचार्य जी ने साहित्य और समाज सेवा में जो योगदान दिया है, वह प्रेरणास्पद है।

प्रेरणा बनेंगे आने वाली पीढ़ियों के लिए
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि “जगद्गुरु का जीवन दर्शन आने वाली पीढ़ियों को साहित्य, समाज और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करेगा। उन्होंने साहित्य और समाज दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय योगदान दिया है।”

निष्कर्ष: रामभद्राचार्य जी का वक्तव्य न केवल सेना के मनोबल को बल देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि देश की आध्यात्मिक और बौद्धिक शक्ति भी राष्ट्र के साथ खड़ी है।

ये खबरें भी अवश्य पढ़े

Leave a Comment