राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार से तीन दिवसीय भारतीय साहित्यिक और सांस्कृतिक महोत्सव “दिल्ली शब्दोत्सव 2026” की शुरुआत होने जा रही है। इस आयोजन में देशभर से आए 100 से अधिक लेखक, फिल्मकार, विचारक, पत्रकार, विधि विशेषज्ञ और युवा प्रेरणास्रोत एक मंच पर नजर आएंगे। नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में बने तीन अलग-अलग मंचों पर लगातार संवाद सत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह आयोजन वैचारिक विमर्श का एक बड़ा मंच बनेगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस साहित्यिक महोत्सव का उद्घाटन करेंगी।
उत्सव में 100 से अधिक चर्चित वक्ताओं की भागीदारी होगी, जिनमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सुनील आंबेकर, मनमोहन वैद्य और सच्चिदानंद जोशी प्रमुख हैं। इसके अलावा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा की मौजूदगी भी कार्यक्रम को खास बनाएगी।
तीन दिवसीय इस आयोजन के दौरान 40 से ज्यादा पुस्तकों का विमोचन, छह सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और दो कवि सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। संगीतमय संध्याओं में देश के विभिन्न हिस्सों की लोक और शास्त्रीय धुनें श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगी। युवाओं के लिए ‘ओपन माइक’ सत्र, पुस्तकों पर विमर्श और देशभर के व्यंजनों से सजा फूड कोर्ट भी उत्सव का आकर्षण होंगे।
‘शब्दोत्सव’ केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत के उभरते आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना की जीवंत अभिव्यक्ति है। यहां पाठक, विद्यार्थी, परिवार, रचनाकार और संस्कृति प्रेमी आत्मनिर्भर और प्रगतिशील भारत से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करेंगे। ‘दिल्ली शब्दोत्सव 2026’ वह मंच है, जहां भारत की कहानियां, विचार और रचनात्मकता नई ऊर्जा के साथ जीवंत हो उठती हैं।