दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्रियों सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) को दोनों नेताओं के खिलाफ अस्पताल घोटाले में जांच की अनुमति मिल गई है। यह मंजूरी 6 मई, 2025 को उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना की सिफारिश पर दी गई।
यह मामला हजारों करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है। बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता ने 22 अगस्त, 2024 को एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और दोनों पूर्व मंत्रियों की मिलीभगत का आरोप लगाया गया था।
शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2018-19 में दिल्ली सरकार ने 24 अस्पताल परियोजनाओं (11 ग्रीनफील्ड और 13 ब्राउनफील्ड) के लिए ₹5590 करोड़ की मंजूरी दी थी। लेकिन इन परियोजनाओं में भारी देरी हुई और लागत में भी काफी बढ़ोतरी देखी गई। इसके अलावा, 7 आईसीयू अस्पतालों (6800 बेड) के निर्माण के लिए ₹1125 करोड़ की मंजूरी दी गई थी, लेकिन तीन साल बाद भी केवल 50% काम ही पूरा हो पाया है, जबकि अब तक ₹800 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
एलएनजेपी अस्पताल की परियोजना में भी भारी गड़बड़ियों के आरोप हैं। पहले इसकी लागत ₹465.52 करोड़ तय की गई थी, लेकिन अब यह बढ़कर ₹1125 करोड़ तक पहुंच गई है — यानी लागत लगभग तीन गुना हो गई है।
इसके साथ ही 94 पॉलीक्लिनिक परियोजनाओं में भी भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। इन पर ₹168.53 करोड़ की लागत अनुमानित थी, लेकिन इन योजनाओं में भी बड़ी अनियमितताएं बताई गई हैं।
अब ACB इस पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी और संबंधित दस्तावेजों व परियोजना विवरणों की समीक्षा करेगी। मामले में पूर्व मंत्रियों की भूमिका की गंभीरता से जांच होने की संभावना है।