हरिद्वार: पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर हरिद्वार में दिव्य प्रेम सेवा मिशन के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय युवा सम्मेलन में हजारों युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं को स्वामी विवेकानंद जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाने का आह्वान किया।
इस गरिमामय सम्मेलन में दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष श्री आशीष गौतम, देवप्रयाग विधायक श्री विनोद कंडारी तथा पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण जी की विशेष उपस्थिति रही।
युवाओं को संबोधित करते हुए श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, “स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सादर नमन और राष्ट्रीय युवा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। विश्व पटल पर भारतीयता, सनातन संस्कृति और हमारी समृद्ध वैचारिक-सांस्कृतिक विरासत को गौरवान्वित करने वाले स्वामी जी असंख्य युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं।
युवा किसी भी समाज का आधार और भविष्य होते हैं। उनकी ऊर्जा, उत्साह और नए विचार किसी देश को प्रगति के पथ पर ले जा सकते हैं। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को जागरूक और जिम्मेदार बनने का संदेश दिया। उनका जीवन उदाहरण है कि सच्चे आत्मविश्वास, कठोर परिश्रम और सही दिशा से असंभव को संभव बनाया जा सकता है।”
उन्होंने आगे कहा, “आज भारत जहां खड़ा है, वहां से हमें स्वर्णिम भारत का भविष्य दिखाई दे रहा है। सौ साल पहले जिस भारत की कल्पना सन्यासी नरेन्द्र ने की थी, उस सपने को एक दूसरा नरेन्द्र पूरा कर रहा है। हमारा लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है और इस संकल्प की सिद्धि युवाओं के सहयोग के बिना संभव नहीं। पिछले एक दशक में हमने शतक की यात्रा की है। जड़ता और निराशा से बाहर निकालकर देश को एक भारत-श्रेष्ठ भारत बनाने का संकल्प लिया है।”
श्री ठाकुर ने जोर देकर कहा कि आज का युवा भाग्यशाली है क्योंकि व्यवस्था उनके सपनों के साथ खड़ी है। ‘डिजिटल इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसे मिशन हर टैलेंट को मंच दे रहे हैं। उन्होंने युवाओं से शॉर्ट-टर्म लोकप्रियता के बजाय ठोस लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने का निवेदन किया। मोदी जी के नेतृत्व में आज Gen Z और Gen Alpha ही ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य तक पहुंचाने वाली पीढ़ी है। आने वाले 25 वर्ष भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं और इस यात्रा के असली सारथी आज के युवा ही हैं।
यह सम्मेलन युवाओं में नई ऊर्जा और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने वाला साबित हुआ। जय स्वामी विवेकानंद! जय हिंद!