7 मई 2025 की तड़के 1:28 बजे भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम से एक सटीक और संयमित सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का करारा जवाब था, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की जान गई थी। आतंकी हमले में विवाहित पुरुषों को निशाना बनाया गया, जिसे भारत ने ‘सिंदूर के प्रतीक पर हमला’ माना।
महज 23 मिनट में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें बहावलपुर, मुरीदके, मुजफ्फराबाद, कोटली, बाघ, गुलपुर, भीमबर, चक अमरू और सियालकोट शामिल थे। राफेल जेट्स, स्कैल्प मिसाइलों और ड्रोन की मदद से कुल 24 मिसाइलें दागी गईं, जिनसे 90 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। अकेले मुरीदके और बहावलपुर में 60 से अधिक आतंकी मारे जाने की पुष्टि हुई।
ऑपरेशन के तहत जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन के ठिकानों को खासतौर पर निशाना बनाया गया। जैश के बहावलपुर स्थित 200 एकड़ में फैले हेडक्वार्टर को पूरी तरह तबाह कर दिया गया, जिसमें मस्जिद, स्कूल और ट्रेनिंग कैंप भी शामिल थे। मसूद अजहर और हाफिज सईद से जुड़े कई अड्डों को भी निशाना बनाया गया।
यह सर्जिकल स्ट्राइक भारतीय सरजमीं से की गई और इसमें किसी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। रक्षा मंत्रालय ने इसे एक “संयमित और गैर-उत्तेजक” कार्रवाई बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन की निगरानी अपने आवास से की, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने इस पूरे अभियान का नेतृत्व किया।
इस ऑपरेशन की सफलता के पीछे रॉ (RAW) और अन्य खुफिया एजेंसियों की अहम भूमिका रही, जिन्होंने पुष्टि की थी कि लक्षित ठिकानों पर 250 से अधिक आतंकी मौजूद थे। पाकिस्तान में इस हमले के बाद अफरा-तफरी मच गई। पाकिस्तानी सेना ने हमलों की पुष्टि करते हुए बताया कि 24 हमलों में 8 लोग मारे गए और 35 घायल हुए। इसके बाद पाकिस्तान ने लाहौर, कराची और सियालकोट का हवाई क्षेत्र 48 घंटे के लिए बंद कर दिया और पंजाब के स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए।
सीजफायर तोड़ते हुए पाकिस्तान ने पुंछ, राजौरी और नौशेरा में गोलीबारी की, जिसमें तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। भारत ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान का एक JF-17 फाइटर जेट मार गिराया।
पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस हमले को “युद्ध की कार्रवाई” बताया, जबकि पाक मीडिया ने झूठे दावे किए कि भारत के दो जेट मार गिराए गए, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को “शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण” बताया और दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सिर्फ आतंकियों के ठिकानों पर केंद्रित थी।
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी सैन्य संयम की अपील की है। भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, सऊदी अरब और यूएई समेत कई देशों को ऑपरेशन की जानकारी दी, जबकि बलोच कार्यकर्ता मेहरान मैरी ने इस कार्रवाई को “देर आए, दुरुस्त आए” कहकर समर्थन दिया।