पटना: आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस), बिहार द्वारा दर्ज एक महत्वपूर्ण मामले में विशेष न्यायालय (एटीएस), पटना ने आरोपी मनीष कुमार सिंह को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई है। यह फैसला नकली मुद्रा (FICN) और आतंकवाद से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ कानून व्यवस्था की सख्ती को दर्शाता है।
क्या है सजा:
विशेष अदालत ने भारतीय दंड संहिता की
- धारा 489(B) के तहत 6 वर्ष कारावास
- धारा 489(C) के तहत 3 वर्ष कारावास
की सजा सुनाई है। साथ ही ₹4,000 का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
मामला:
मनीष कुमार सिंह के खिलाफ एटीएस, पटना ने थाना कांड संख्या 03/2015 दर्ज किया था। मामले की सुनवाई के दौरान 1 अगस्त 2025 को आरोपी को दोषी ठहराया गया था। इसके बाद आज, 4 अगस्त 2025 को अदालत ने अंतिम सजा सुनाई।
न्यायपालिका और एजेंसियों का स्पष्ट संदेश
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि नकली मुद्रा और आतंकवादी गतिविधियों जैसी गंभीर वारदातें देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं। यह फैसला न केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सतर्कता का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि न्यायपालिका ऐसी गतिविधियों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है।
इस सख्त कार्रवाई से समाज को यह स्पष्ट संदेश गया है कि देश विरोधी तत्वों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।