पटना: बिहार की सियासत में एक बार फिर ‘पलटी मार’ का दौर पूरा हो गया है। जनता दल (यूनाइटेड) के सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार कल यानी गुरुवार को नौंवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने वाले इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
आज दोपहर नीतीश कुमार ने एनडीए विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुने जाने के तुरंत बाद राजभवन पहुंचकर राज्यपाल फागू चौहान से मुलाकात की। उन्होंने तकनीकी रूप से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंपा और साथ ही 202 से अधिक विधायकों के समर्थन पत्र दिखाते हुए नई सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। राज्यपाल ने उनका दावा स्वीकार कर लिया है।
विधान भवन में हुई एनडीए विधायक दल की बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता और निवर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार को नेता चुनने का प्रस्ताव पेश किया। भाजपा, जदयू, हम, लोजपा (रा) सहित सभी सहयोगी दलों के विधायकों ने तालियां बजाकर प्रस्ताव का समर्थन किया। बैठक में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी समेत तमाम बड़े नेता मौजूद रहे।
ताजा विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतकर अब तक का सबसे बड़ा जनादेश हासिल किया है। इसमें भाजपा ने अकेले 92, जदयू ने 78, हम ने 18 और अन्य सहयोगियों ने शेष सीटें जीती हैं।
प्रशासन ने गांधी मैदान को भव्य मंच और सुरक्षा के कड़े इंतजामों से सजा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के समारोह में शामिल होने की संभावना है।
बिहार में एक बार फिर नीतीश राज की वापसी हो गई है!