लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित भव्य महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं की भारी संख्या आ रही है। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ अफवाहें फैल रही हैं, जिनमें यह दावा किया जा रहा है कि प्रयागराज में 4 फरवरी तक वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध है। इस अफवाह पर जिलाधिकारी रवींद्र कुमार मंदार ने स्पष्ट किया है कि यह खबर पूरी तरह से गलत और निराधार है।
डायवर्जन स्कीम के बारे में जानकारी
डीएम रवींद्र कुमार मंदार ने बताया कि मौनी अमावस्या के दौरान जिला प्रशासन और मेला प्रशासन द्वारा एक डायवर्जन स्कीम लागू की गई थी। लेकिन अब इस स्कीम को हटाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 31 जनवरी, 1 फरवरी और 4 फरवरी को किसी भी तरह का वाहन प्रवेश प्रतिबंध नहीं होगा। केवल 2 और 3 फरवरी को वसंत पंचमी के स्नान के दिन डायवर्जन स्कीम लागू की जाएगी।
वाहनों के प्रवेश की प्रक्रिया
उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश के लिए एक अलग प्रक्रिया है, जिसके बारे में मेला अधिकारी और डीआईजी सभी को जानकारी देंगे। कमिश्नरी क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।
श्रद्धालुओं का संगम तट पर उमड़ा सैलाब
वहीं, शुक्रवार को संगम तट पर श्रद्धालुओं ने सुबह-सुबह आस्था की डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की। संगम घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई, जो स्नान के बाद घर लौटते हुए भी दिखाई दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर व्यवस्था
बसंत पंचमी के स्नान पर्व को ध्यान में रखते हुए महाकुंभ नगर में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मेडिकल फोर्स सक्रिय हो गई है। महाकुंभ नगर में 360 बेड की क्षमता वाले 23 अस्पताल तैयार किए गए हैं। इसके अलावा, विशेष चिकित्सा टीम ने मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया और एंबुलेंस और आपातकालीन सुविधाओं की तैनाती की समीक्षा की।
महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।