लंदन।ब्रिटेन के शाही परिवार के सदस्य रहे प्रिंस एंड्रयू एक बार फिर चर्चित एपस्टीन मामले को लेकर सुर्खियों में हैं। थेम्स वैली पुलिस ने जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उन रिपोर्टों के आधार पर की गई है, जिनमें उनके और बदनाम फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन के बीच कथित संबंधों और संदिग्ध गतिविधियों का उल्लेख किया गया था।
यौन शोषण के गंभीर आरोप
एपस्टीन मामले की पीड़िता वर्जीनिया गिफ्रे ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2001 में, जब वह मात्र 17 वर्ष की थीं, तब प्रिंस एंड्रयू ने उनका यौन शोषण किया था। उन्होंने दावा किया था कि एपस्टीन के नेटवर्क के जरिए उन्हें प्रिंस एंड्रयू से मिलने के लिए मजबूर किया गया। बाद में दोनों पक्षों के बीच लगभग 12 मिलियन पाउंड (करीब 125 करोड़ रुपये) में समझौता हुआ था।
लाखों दस्तावेज और तस्वीरों से बढ़ा विवाद
एपस्टीन से जुड़े करीब 30 लाख पन्नों के ईमेल, दस्तावेज और तस्वीरें सार्वजनिक होने के बाद प्रिंस एंड्रयू और एपस्टीन के रिश्तों को लेकर विवाद और गहरा गया। कुछ तस्वीरों में उन्हें एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
शाही परिवार ने पहले ही बनाई दूरी
विवादों के चलते प्रिंस एंड्रयू को पहले ही ब्रिटिश शाही परिवार से अलग कर दिया गया था। उनके बड़े भाई और वर्तमान ब्रिटिश सम्राट किंग चार्ल्स III ने उनसे ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ की उपाधि छीन ली थी। साथ ही उन्हें शाही जिम्मेदारियों और विशेष सुविधाओं से भी वंचित कर दिया गया।
ब्रिटिश शाही परिवार और एंड्रयू की पृष्ठभूमि
ब्रिटेन का शाही परिवार एक संवैधानिक राजशाही है, जिसका मुख्य निवास बकिंघम पैलेस और विंडसर कैसल है। प्रिंस एंड्रयू, दिवंगत महारानी क्वीन एलिजाबेथ II और प्रिंस फिलिप के तीसरे पुत्र हैं। वे पहले ब्रिटिश नौसेना में अधिकारी भी रह चुके हैं और 1980 के दशक में अर्जेंटीना के साथ युद्ध में सेवाएं दे चुके हैं।
गिरफ्तारी के बाद आगे क्या?
गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों व दस्तावेजों की जांच की जा सकती है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो ब्रिटेन के कानून के अनुसार उन्हें गंभीर सजा, यहां तक कि उम्रकैद भी हो सकती है।
प्रधानमंत्री और शाही परिवार की प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और मामले की निष्पक्ष जांच होगी। वहीं किंग चार्ल्स III ने भी इस मामले पर चिंता जताते हुए कानून को अपना काम करने देने की बात कही है।
प्रिंस एंड्रयू की गिरफ्तारी से ब्रिटेन का शाही परिवार एक बार फिर विवादों में घिर गया है और पूरी दुनिया की नजर अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच और उसके परिणाम पर टिकी हुई है।