केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट किया है कि राज्य सरकारें विधानसभा से पारित विधेयकों पर राष्ट्रपति या राज्यपाल के फैसलों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं दे सकतीं, भले ही वे उन्हें मौलिक अधिकारों का उल्लंघन मानती हों। सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह दलील चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की गैरमौजूदगी में चीफ जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ के समक्ष रखी। इस पीठ में जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस चंदुरकर शामिल…
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राज्य सरकारें सस्ता इलाज देने में नाकाम, प्राइवेट अस्पतालों का शोषण बढ़ रहा है
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश में राज्य सरकारें लोगों को सस्ता इलाज देने में नाकाम साबित हुई हैं, जिसके कारण प्राइवेट अस्पतालों का बढ़ावा हो रहा है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि केंद्र सरकार को इस पर गाइडलाइन बनानी चाहिए ताकि इलाज सस्ता और सुलभ हो सके। सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में यह कहा गया था कि प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों और उनके परिवारों को अस्पताल की फार्मेसी से महंगी दवाएं और मेडिकल इक्यूपमेंट खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। याचिकाकर्ता…
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